Ayodhya में कथक के माध्यम से ‘राम की शक्ति पूजा’ का जीवंत मंचन, देवी बोलीं– हे राम! विजय हो तेरी

महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की अमर कृति "राम की शक्ति पूजा" का जीवंत मंचन

कार्यक्रम का मंचन करते कलाकार।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, अयोध्या 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी (पाटोत्सव) समारोह के मंच पर पांचवें और अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में शालीना चतुर्वेदी समूह ने कथक नृत्य शैली में "राम की शक्ति पूजा" की मोहक प्रस्तुति दी। इस दौरान चितवन की भंगिमाएं हस्त मुद्रा और पद संचलन का विन्यास देखते ही बना। अंत में देवी दुर्गा को प्रसन्न होकर आशीष देना पड़ा- हे राम! विजय हो तेरी।

राम की शक्ति पूजा की प्रस्तुति देतीं शालीना चतुर्वेदी और उनकी सहयोगी कलाकार।
शालीना चतुर्वेदी समूह ने सर्वप्रथम हनुमान चालीसा पर नृत्य कर बजरंगबली को समर्पित किया। महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी की कालजयी रचना "राम की शक्ति पूजा" में राम रावण युद्ध के मध्य रावण गंभीर युद्ध करता है, जिससे रामदल में अफरा तफरी मच जाती है। रावण के साथ शक्ति को युद्ध करते देख राम चिंतित होते हैं पर धैर्य नहीं खोते हैं। ऐसे में जामवंत जी ने प्रभु श्रीराम को शक्ति की आराधना का सुझाव दिया।

प्रभु श्रीराम रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए शक्ति की आराधना करते हैं। इसी दौरान परीक्षा के लिए देवी ने एक कमल पुष्प हटा लिया। राम ध्यानावस्था से वापस आते हैं, तो उन्हें एक कमल पुष्प नहीं मिलता है पर वह धैर्य नहीं छोड़ते हैं। उन्हें याद आता है माँ बचपन में कमल नयन कहती थी, अभी दो पुष्प शेष हैं कहते हुए अपने नेत्र निकालने के लिए शस्त्र उठाते हैं। 

ऐसे में देवी प्रसन्न होकर प्रभु को विजय का आशीर्वाद देकर उनके शरीर में लीन हो जाती हैं। शक्ति से सशक्त प्रभु श्रीराम रावण का अंत करते हैं और जानकी माता को अपने साथ अयोध्या ले आते हैं। प्रभु श्रीराम की धैर्य, स्थिर चित्त और धर्म की रक्षा के लिए शक्ति का आह्वान हमें सनातन मूल्यों से जोड़ता है। 

कार्यक्रम में शालीना चतुर्वेदी के साथ वैष्णवी, ऋषिका, प्रशांत कुमार, इरा गिरि, ख्रिसटीना कश्यप दास, मेघा कुमारी, संतोषी साहिस, श्रेष्ठा शंकर, राजर्षि नीलरुचि व तनुष्का पाण्डेय के नृत्य को मोहक बना दिया। संचालन देश दीपक मिश्रा ने किया।अंत में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तरफ से गोपाल राव ने समस्त कलाकारों को सम्मानित किया।

मंच पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, राजेंद्र सिंह पंकज, धनंजय पाठक, डॉ चंद्र गोपाल पाण्डेय, डॉ अनिल मिश्र, गोपाल, नरेन्द्र, कप्तान केके तिवारी, विनोद श्रीवास्तव, भोलेन्द्र, वीरेंद्र आदि मौजूद रहे।

राम की शक्ति पूजा

Ayodhya cultural program

Ram Janmabhoomi Patotsav

Kathak dance Ayodhya

Shalina Chaturvedi Kathak

Ram Ravan Yudh Kathak

Mahapran Nirala Ram Ki Shakti Puja



Post a Comment

0 Comments