Jaunpur : ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए 'संजीवनी' बनेगा जी-राम-जी अधिनियम, मंत्री ने गिनाए लाभ

यूपी के मंत्री एके शर्मा ने जौनपुर में 'विकसित भारत जी-राम-जी' अधिनियम की बारीकियां साझा कीं। जानें कैसे 125 दिन का रोजगार और बेरोजगारी भत्ता ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाएगा।
प्रेसवार्ता में मंत्री एके शर्मा।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, जौनपुर

नगर विकास, ऊर्जा एवं जनपद के प्रभारी मंत्री एके शर्मा ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' के तहत नए 'जी-राम-जी' (G-RAM-JI) अधिनियम को ग्रामीण भारत के सशक्तीकरण के लिए एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया।

प्रेसवार्ता में जानकारी देते मंत्री एके शर्मा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए रोजगार की गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त 25 दिनों का रोजगार ग्रामीण आय को बढ़ाएगा। साथ ही पलायन पर रोक भी लगेगी। स्थानीय स्तर पर अधिक काम मिलने से शहरों की ओर पलायन कम हो जाएगा।

अधिनियम की सबसे बड़ी विशेषता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि अब 'बेरोजगारी भत्ता' केवल एक शब्द नहीं बल्कि वास्तविक कानूनी अधिकार है।

स्थायी आजीविका : मेहनतकश समाज को अब साल के ज्यादा दिनों तक काम का भरोसा मिलेगा।

​बेरोजगारी भत्ता : अब कागजों पर नहीं, यह आपका कानूनी अधिकार है।

पुराने नियमों (मनरेगा) में बेरोजगारी भत्ता पाना जटिल था, लेकिन नए अधिनियम में सभी बाधाएं हटा दी गई हैं। अब यदि श्रमिक के काम मांगने पर समय से रोजगार नहीं मिला, तो उसे स्वतः (Automatic) बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।

मजदूरी भुगतान में देरी पर लगेगा 'जुर्माना'

​भ्रष्टाचार और देरी को समाप्त करने के लिए सरकार ने सख्त प्रावधान किए हैं।

​समयबद्ध भुगतान : मजदूरी सीधे खाते में और समय पर भेजी जाएगी।

​विलंब मुआवजा : अगर भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिक को प्रत्येक विलंबित दिन के लिए अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा।

​पारदर्शिता : पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी होगी जिससे बिचौलियों का अंत होगा।

​ग्राम सभा बनेगी पावर हाउस

​विकसित भारत के संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए अब 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' ग्रामीण खुद बनाएंगे। ग्राम सभा ही तय करेगी कि गांव में क्या विकास कार्य होने हैं। स्थानीय जरूरतों के आधार पर ही बजट और योजना का चयन होगा। ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता को अनिवार्य बनाया है। ​

इस दौरान राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी, खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव, विधायक शाहगंज रमेश सिंह, विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसू, जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति सहित जिले के मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य आला अधिकारी उपस्थित रहे।

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