लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रीन कैंपस समिति द्वारा भीषण गर्मी में पक्षियों के संरक्षण हेतु 'दाना-पानी अभियान' चलाया गया। जानें पूरी खबर।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
बढ़ती गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ते तापमान के बीच बेजुबान पक्षियों के संरक्षण के लिए लखनऊ के राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय ने एक सराहनीय पहल की है। महाविद्यालय की पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रीन कैंपस समिति के तत्वावधान में परिसर में “दाना-पानी अभियान” का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी में प्यास और भूख से तड़पने वाले पक्षियों को राहत पहुंचाना और छात्राओं में जैव विविधता के प्रति संवेदनशीलता जगाना है।
परिसर के विभिन्न हिस्सों में रखे गए मिट्टी के पात्र
अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों, पेड़ों की शाखाओं और सुरक्षित कोनों में चिड़ियों एवं अन्य पक्षियों के लिए स्वच्छ जल और दाने की व्यवस्था की गई। महाविद्यालय की शिक्षिकाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक मिट्टी के सकोरों (पात्रों) में पानी भरकर रखा।
पशु-पक्षियों की सुरक्षा नैतिक दायित्व: प्राचार्या
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने इस अभियान की सराहना करते हुए छात्राओं को प्रेरित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है। पशु-पक्षियों की सुरक्षा, उनके जीवन के प्रति दया और संवेदना रखना भी हमारा नैतिक दायित्व है। इस भीषण गर्मी में हम सभी को अपने घरों की छतों, बालकनी और आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए दाना-पानी अवश्य रखना चाहिए।
आवश्यक है 'दाना-पानी अभियान'
ग्रीन कैंपस समिति की संयोजिका ने इस अभियान की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में प्राकृतिक जल स्रोत तेजी से सूख जाते हैं। जल के अभाव में हर साल सैकड़ों पक्षी दम तोड़ देते हैं। ऐसे समय में यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर, विद्यालय अथवा कार्यस्थल पर पक्षियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करे, तो एक बड़ी आबादी को बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख सदस्य
ग्रीन कैंपस समिति सदस्य : प्रो. नीतू सिंह, डॉ. आभा दूबे
महाविद्यालय की शिक्षिकाएं : डॉ. गीताली रस्तोगी, प्रो. शर्मीता नंदी, प्रो. वंदना द्विवेदी, प्रो. ज्योत्सना गौतम, प्रो. प्रीति (हिंदू कन्या महाविद्यालय) एवं नीलम।
पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण का संकल्प
इस अवसर पर छात्राओं ने न केवल परिसर में दाना-पानी का वितरण किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता (Biodiversity) के महत्व पर अपने विचार भी साझा किए। छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे इस अभियान को केवल कॉलेज तक सीमित नहीं रखेंगी, बल्कि अपने-अपने स्तर पर समाज को भी इसके लिए जागरूक करेंगी। कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इसे मील का पत्थर बताते हुए उपस्थित सदस्यों और छात्राओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।



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