UP Brahmin Mla's meeting in Lucknow: यूपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक से सियासी पारा चढ़ा

लखनऊ में कुशीनगर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक पीएन पाठक (पंचानंद पाठक) के आवास पर हुई प्रदेश के ब्राह्मण विधायकों की बैठक ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। इस बैठक में भाजपा (BJP), समाजवादी पार्टी (SP) समेत सभी दलों के विधायक शामिल हुए। बैठक में भाजपा के लगभग 40 ब्राह्मण विधायक व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) शामिल हुए, जिनमें अधिकतर बुंदेलखंड और पूर्वांचल के थे। अन्य दलों के ब्राह्मण विधायक भी बैठक में रहे। हालांकि इसको 'सहभोज' का नाम दिया गया है। वहीं, सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव ने भाजपा विधायकों को अपनी पार्टी में आने का आफर दिया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक्स पर पोस्ट कर तंज किया है।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ


राजधानी लखनऊ में मंगलवार की शाम बेहद खास रही। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सूबे के सभी विधायक राजधानी में मौजूद रहे। ऐसे में बंद कमरे में भाजपा के 52 ब्राह्मण विधायकों की बंद कमरे में हुई बैठक से सियासी पारा चढ़ गया है। कुशीनगर से भाजपा विधायक पीएन पाठक (पंचानंद पाठक) के लखनऊ स्थित आवास पर हुई बैठक ने सभी ब्राह्मण विधायकों के शामिल होने की चर्चा से खलबली मची हुई है। इस बैठक को'सहभोज' का नाम दिया गया, जबकि इसमें तय हुआ कि आर्थिक रूप से पिछड़े ब्राह्मणों की मदद के लिए एक 'फंड बैंक' बनाया जाएगा।


इसमें सेवानिवृत्त जज, वकील, डॉक्टर और प्रभावशाली लोगों को जोड़ा जाएगा। लखनऊ, भदोही, गोण्डा और बहराइच की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा गया कि ब्राह्मणों को हासिये पर रखा जा रहा है। हत्याएं हो रही हैं और अन्याय हो रहा है, इसलिए ऐसे मामलों में समाज को परिवार के साथ खड़ा होना होगा।

बैठक में इन बातों पर सहमति

1. सूबे में कहीं ब्राह्मणों की मौत होने पर आर्थिक मदद करेंगे।

2. समाज में गरीब और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की मदद के लिए फंड बैंक बनाया जाएगा।

3. ब्यूरोक्रेट, सेवानिवृत्त जज, वकील, डॉक्टर व ब्राह्मण समाज के प्रभावशाली लोगों को जोड़ेंगे। 

4. राजनीतिक हिस्सेदारी संख्या के आधार पर देने की मांग करेंगे।

5. ब्राह्मणों का एक बड़ा चेहरा बने, इसके लिए भी बात हुई।

6. ब्राह्मणों की हत्या, मौत, अन्याय में परिवार के साथ खड़े हों। अब बैठक जनवरी में होगी।

कौन विधायक हुए शामिल

बैठक में मुख्य रूप से पूर्वांचल और बुंदेलखंड के ब्राह्मण विधायक शामिल हुए। आयोजन में मिर्जापुर के विधायक रत्नाकर मिश्रा व एमएलसी उमेश द्विवेदी की मुख्य भूमिका रही। पत्रकार से विधायक बने शलभमणि त्रिपाठी और अनिल त्रिपाठी जैसे प्रमुख चेहरों की मौजूदगी ने असरदार बना दिया।


बैठक के कर्ताधर्ता बताए जा रहे भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा ने कहा कि यह बैठक समाज में खत्म हो रहे संस्कार पर मंथन के लिए थी। ब्राह्मण समाज हमेशा से मार्गदर्शक रहा है, इसलिए संस्कार के मुद्दों पर चर्चा जरूरी है। विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि ब्राह्मणों को एकजुट होना पड़ेगा, क्योंकि समाज को अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने ब्राह्मणों के भीतर व्याप्त डर दूर करने पर जोर दिया।


सपा राज में कौन-सा ब्राह्मणों को हक मिल गया : राजभर


इस बैठक पर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि यह देश अब जाति प्रधान हो चुका है। पहले क्षत्रियों की बैठक हुई, अब ब्राह्मणों की हो रही है। आगे देखिए और कौन-कौन बैठक करता है। सपा के ब्राह्मणों के उत्पीड़न पर उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में कौन सा ब्राह्मणों को हक मिल जाता था। वहीं, सपा विधायक संदीप पटेल ने कहा कि यूपी में विधायक डरे हुए हैं। सीएम किसी की सुन नहीं रहे, इसलिए विधायकों को अपनी ही सरकार में ऐसी बैठकें करनी पड़ रही हैं। ब्राह्मण सरकार तो बनवाते हैं, लेकिन सत्ता में उन्हें हक नहीं मिलता।

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