दिनांक : 26 दिसम्बर 2025
दिन : शुक्रवार
विक्रम संवत् : 2082
अयन : दक्षिणायण
ऋतु : शिशिर
मास : पौष
पक्ष : शुक्ल
तिथि : षष्ठी दोपहर 01:43 बजे तक तत्पश्चात् सप्तमी
नक्षत्र : शतभिषा सुबह 09:00 तक तत्पश्चात् पूर्व भाद्रपद
योग : सिद्धि दोपहर 02:01 बजे तक तत्पश्चात् व्यतीपात
करण : तैतिल दोपहर 01:43 बजे तक तत्पश्चात गर
राहुकाल : सुबह 11:07 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
सूर्योदय : प्रातः 06:53 बजे
सूर्यास्त : संध्या 05:22 बजे
दिशा शूल : पश्चिम दिशा में
ब्रह्ममुहूर्त : प्रातः 05:00 बजे से प्रातः 05:54 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:30 तक
निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:36 बजे से रात्रि 12:30 बजे तक
सूर्य राशि : धनु
चंद्रमा राशि : कुम्भ
बृहस्पति राशि : मिथुन
व्रत पर्व विवरण : व्यतीपात योग (दोपहर 02:01 बजे से दोपहर 12:22 बजे दिसम्बर 27 तक)
शिववास : नंदी पर दोपहर 01:43 बजे तक तत्पश्चात भोजन में
अग्निवास : आकाश में दोपहर 01:43 बजे तक तत्पश्चात पाताल में
व्यतिपात योग
व्यतिपात योग में जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है। व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका एक लाख गुणा फल मिलता है।
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