Jalaun : बेतवा नदी पर कच्चा पुल बनाकर अवैध मौरंग खनन करा रहा माफिया

नदी की धारा परिवर्तित कर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के नियमों को तोड़ रहा चिरपुरा मौरंग खंड का ठेकेदार


बेतवा नदी में बने अवैध कच्चे पुल से गुजरते मौरंग लदे ट्रक।



प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, उरई (जालौन) 





जिले की कालपी तहसील स्थित चिरपुरा मौरंग खंड संख्या-2 अवैध संचालन को लेकर चर्चा में है। आरोप है कि ठेकेदार ने भाड़े के गुंडे व अपने गुर्गों के माध्यम से मौरंग खंड का संचालन कर नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है। बेतवा नदी पर बिना वैधानिक अनुमति कच्चा पुल बनाकर एक जिले से दूसरे जिले में मौरंग से भरे ओवरलोड ट्रकों का आवागमन करा रहा है। वहीं, नदी की धारा परिवर्तित कर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (National Green Tribunal) यानी एनजीटी के नियमों को ठेकेदार तोड़ रहा है।





चिरपुरा मौरंग खंड संख्या-2 में अवैध संचालन के साथ-साथ नदी की धारा से छेड़छाड़ करके अवैध कच्चे पुल बना लिया है। ताकि मौरंग माफिया अवैध खनन कराकर मौरंग को आसानी से दूसरे जिलों में ट्रकों से भेजा जा सके। वहीं, मौरंग माफिया की सक्रियता से जालौन-हमीरपुर क्षेत्र में राजस्व के साथ-साथ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।




जालौन के कालपी तहसील के चिरपुरा मौरंग खंड संख्या 2 किराए के ठेकेदार तैयार करके मौरंग खंड को संचालित कर रहे हैं। इनके द्वारा नियमों को तोड़ना बाएं हाथ का खेल है। ठेकेदार के गुर्गों ने एक जिले से दूसरे जिले को जोड़ने के लिए बेतवा नदी के बीच से निकलने के लिए कच्चे पुल का निर्माण कर लिया है। इसकी अनुमति भी नहीं ली गई। इस पुल पर आवागमन जानलेवा भी होता है, क्योंकि कब कौन सा मौरंग भरा ट्रक काल के गाल में समा जाए।




ठेकेदार द्वारा जिस तरह से अवैध पुल का निर्माण करवाया जाता है, उससे नदी की धारा प्रभावित होती है। नियमानुसार तो नदी की धारा को प्रभावित नहीं किया जा सकता है।




यही नहीं, चिरपुरा मौरंग खंड से लोकेशन माफिया का संजाल फैलाया जा रहा है, जो जिले के सभी मौरंग खंडों से ओवरलोड ट्रक निकालने का ठेका लेता है। ऐसा करके माफिया सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचा रहे हैं। 




हाल ही में पड़ोसी जिले हमीरपुर में पुलिस अधीक्षक ने वाट्स एप चैट के जरिये लोकेशन माफिया की धरपकड़ की थी। उसके बाद कुछ दिनों के लिए शांति रही, लेकिन जालौन के लोकेशन माफिया फिर से सक्रिय हो गए हैं। इस बार उन्होंने हमीरपुर को भी अपनी जद में ले लिया है। कहा जा रहा है कि चिरपुरा मौरंग खंड संख्या 2 को अवैध तरीके संचालित करने वाले ही लोकेशन माफिया सरगना है। जो जालौन और हमीरपुर में लोकेशन कार्य को संचालित करते हैं।




चिरपुरा मौरंग खंड संख्या 2 के संचालक अजय पाल सिंह परमार इससे अवगत हैं या नहीं। इस संदर्भ में संवाददाता को जानकारी नहीं हो सकी। वहीं, खनिज विभाग ने भी मौरंग खंड के बारे में कोई जानकारी हासिल कि या नहीं पता नहीं। वहीं, अगर भाड़े के ठेकेदारों की बात करें तो अधिकतर मौरंग खंडों में यही चल रहा है। मालिक अवैध कार्य से दूर रहता है किराए के कुछ गुर्गों से मौरंग खंड में गलत कार्य कराए जाते हैं। 




विशेषज्ञों की मानें तो अत्याधिक खनन होने से पानी में पनपने वाले मित्र जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। हैवी मशीनों के सहारे सब कुछ बेतवा नदी से छीना जा रहा है। इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी शनि कौशल के मोबाइल 8887534825 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।



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