Chief justice of India सूर्यकांत ने कहा; अदालतों की न्यायिक प्रक्रिया में आमजन को होगा भागीदारी का एहसास

इटावा के इस्लामिया इंटर कालेज में इटावा हिंदी सेवा निधि के 33वें सारस्वत सम्मान समारोह में शिरकत करने आए थे सीजीआई


दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत।


प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, इटावा


भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief justice of India यानी सीजीआई) सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से लेकर जिला अदालतों में कामकाज की भाषा हिंदी एवं अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में होनी चाहिए। ताकि आम जन को न्यायिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी का एहसास हो सके। इसलिए अपने कार्यकाल में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को एआई (Artificial Intelligence) के माध्यम से हिंदी समेत 16 भारतीय भाषाओं में अनुवाद करके उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके माध्यम से हम देश की अन्य भाषाओं को न्यायिक प्रक्रिया में शामिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ये बातें शनिवार को इस्लामिया इंटर कालेज में इटावा हिंदी सेवा निधि के 33वें सारस्वत सम्मान समारोह में सीजीआई ने बतौर मुख्य अतिथि कहीं।


कार्यक्रम में गहन चिंतन में सीजीआई।



उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 348, 350 एवं 351 में हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं के बारे में जिन संवैधानिक संस्थाओं से सहयोग की अपेक्षा की गई है, उसका पूरा प्रयास करेंगे, जिससे यह प्राविधान देश में लागू किए जाए। ताकि कोर्ट के दैनिक कामकाज, कार्यवाही, बहस और फैसलों को आम जनता को उन्हीं की भाषा में मिल सके। सुप्रीम कोर्ट इस विचार पर सजग है और कानून संविधान के हिसाब से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस प्रयास के तहत ही सुप्रीम कोर्ट हिंदी भाषियों को हिंदी, तमिलवासियों को तमिल, कन्नड़ समेत 16 भाषाओं में फैसले की प्रति उपलब्ध करा रहा है। 



इससे पहले इटावा हिंदी सेवा निधि के न्यासी अधिवक्ता प्रदीप कुमार गुप्ता, दिलीप कुमार गुप्ता एवं बांके बिहारी मंदिर वृंदावन की हाईपावर कमेटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति अशोक कुमार गुप्ता ने सीबीआई सूर्यकांत का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मशहूर शायर डॉ. बसीम बरेलवी ने की, जबकि संचालन डॉ. कुश चतुर्वेदी ने किया।



इस अवसर पर प्रख्यात हास्य कवि डॉ. सुरेंद्र शर्मा, समीक्षक डॉ. पवन अग्रवाल, एयर मार्शल अमित तिवारी, संगीत निर्देशक संजीव कोहली, चिकित्सक डॉ. शरद अग्रवाल, विधिवेत्ता धर्मनाथि प्रसाद यादव, न्यायमूर्ति चंद्र कुमार राय, डॉ. सुरेश नीरव, कथा शिल्पी त्योत्सना सिंह, रामप्रकाश त्रिपाठी, हाकी के जादूगर स्व. मेजर ध्यानचंद के पुत्र हाकी खिलाड़ी अशोक कुमार, पूर्व कप्तान हाकी शकील अहमद, लेखक पूर्व आइपीएस डॉ. हरीश कुमार, रईस इटावी, प्रमोद तिवारी हंस, अनिल मान मिश्र, कवि सुधीर मिश्र निश्चल और युवा नाट्यकार रवींद्र सिंह चौहान को सम्मानित किया गया। 

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