- आरोग्य मंदिरों में रोगियों का आसानी से उपचार
प्रदेश में 22 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टेलीमेडिसिन से उपचार की दी जा रही सुविधा की गुणवत्ता में और सुधार किया जाएगा। इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी यानी आइआइटी कानपुर तकनीकी मदद करेगा। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और आइआइटी कानपुर के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है। रोगियों को इन आरोग्य मंदिरों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेषज्ञ डाक्टरों से चिकित्सीय परामर्श दिलाया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने टेलीमेडिसिन सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। टेलीरेडियोलाजी को भी एकीकृत किया जाएगा और मरीज चिकित्सकों को अपनी जांच रिपोर्ट भी आसानी से दिखा सकेंगे। फीडबैक की सुविधा भी इसमें जोड़े जाने की तैयारी की जा रही है। यही नहीं, एकीकृत रोगी निगरानी पोर्टल व ई कवच पोर्टल पर दर्ज मरीजों के डाटा का विश्लेषण कर कौन से रोग अधिक फैल रहे हैं और उनसे बचाव के लिए क्या तैयारी स्वास्थ्य विभाग करे इसके लिए भी अलर्ट किया जाएगा।
आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से चिकित्सीय परामर्श, जांच व उपचार की गुणवत्ता को बढ़ाया जाएगा। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की आनलाइन मानीटरिंग भी की जाएगी। विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से लागू करने में भी आइआइटी कानपुर मदद करेगा। वह चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों को प्रशिक्षण देकर कार्य की गुणवत्ता में भी सुधार करेगा।
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