Health Tips: आयुर्वेद के घरेलू उपाय से बुजुर्ग और बच्चों को सर्दी से बचाएं

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर 

केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के बोर्ड सदस्य व श्रीनाथ चिकित्सालय भगवत घाट के मुख्य चिकित्साधिकारी आयुर्वेदाचार्य डा. रविंद्र पोरवाल ने इस समय पड़ रही भीषण ठंड और शीतलहर से बचाव करने के लिए घरेलू उपाय बताए हैं। यह घरेलू नुस्खे हमारे रसोई घर से ही जुड़े हुए हैं, जिन्हें अपना कर इस हाड़ कंपाने वाली ठंड से बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले महिला और पुरुषों को बचाव आसानी से किया जा सकता है। आएं जानें क्या हैं उपाय :-

बुजुर्ग व कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले 

भीषण सर्दी और कोहरे से बचाव के लिए आधा ग्राम अजवाइन, दो लहसुन की कलियां और 5 से 10 ग्राम गुड़ को तवे पर अच्छी तरह भून लें और उसे गुनगुना-गुनगुना चाट लें। उसके ऊपर से गर्म पानी पी लें। यह खुराक दिन में तीन बार लेने से वैसे बुजुर्ग जिन्हें कफ बहुत ज्यादा बनने, ठंड से कांपने, ज्यादा कफ बनने और लगातार खांसी आने जैसी शिकायत है, वह दूर हो जाती है। इस घरेलू उपाय से हाथ पैर की अंगुलियों की सूजन और हाथ पैर ठंडा रहने की समस्या  ठीक हो जाएगी है।

दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए 

बच्चों को सर्दी, कफ, खांसी के प्रकोप से बचने के लिए 5 मिली तुलसी की पत्तियों का रस, 5 मिली अदरक का रस और एक काली मिर्च, एक लौंग का बारीक पीसा पाउडर मिलाकर शहद के साथ चटाना चाहिए, जिससे बच्चों को सर्दी में नंगे पैर घर में घूमने या कम कपड़े पहनने पर भी जल्दी बीमार नहीं पड़ेंगे। जुकाम, खांसी, नाक बहना और बार-बार नजला, बुखार की समस्या बच्चों को नहीं होगी। जो बच्चे इस समस्या से ग्रसित हैं वह भी पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।

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