दुनिया का एकमात्र मंदिर जहां पूजे जाते हैं जुड़वा गणेश जी

प्रारब्ध अध्यात्म डेस्क, लखनऊ


छत्तीसगढ़ राज्य के बारसूर को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है। वैसे तो यहां काफी प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं, लेकिन बारसूर के जुड़वा गणेश मंदिर शायद पूरी दुनिया में अनोखा मंदिर है।


इस मंदिर में गणेश भगवान की दो प्रतिमाएं हैं। एक की ऊंचाई लगभग सात फीट तो दूसरे की पाँच फीट है। इन मूर्ति के निर्माण में कलाकार ने अपनी शानदार कला कौशल को दिखाया है। इन मूर्तियों को देखकर भक्त आश्चर्यचकित हो जाते हैं। यह दोनों मूर्ति एक ही चट्टान पर बिना किसी जोड़ के बनाई गई है।


पौराणिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर का निर्माण राजा बाणासुर ने करवाया था। राजा की पुत्री और उसकी सहेली दोनों भगवान गणेश की बहुत पूजा करती थी लेकिन इससे इलाके में दूर तक कोई गणेश मंदिर नहीं था। जिसके लिए राजा की पुत्री को गणेश जी की आराधना के लिए दूर जाना पड़ता था राजा ने अपनी पुत्री के कहने पर इस मंदिर का निर्माण करवाया था।


छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से यह मंदिर 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां बस या टैक्सी द्वारा मंदिर में पहुंचा जा सकता है। लगभग 2 घंटे के सफर में रास्ते में स्थित अन्य प्रसिद्ध मंदिरों के भी दर्शन किए जा सकते हैं।

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