Karnataka to Uttar Pradesh : Gaziabad कर्नाटक में कपड़े की फेरी लगाने वाला गाजियाबाद का इनामी बदमाश 10साल बाद गिरफ्तार

0

  • इंदिरापुरम पुलिस 50 हजार रुपये के इनामी लुटेरे को दबोचने में हुई कामयाब



प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, गाजियाबाद


गाजियाबाद पुलिस ने हत्या के प्रयास, लूट के मामले में 10 वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी लुटेरे को इंदिरापुरम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी पुलिस से बचने के लिए कर्नाटक में कपड़ों की फेरी लगा रहा था।


इंदिरापुरम थाने में शुक्रवार को घटना का खुलासा करते हुए सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि 10 फरवरी 2011 को निजी कंपनी के कर्मचारी मनोज कुमार शर्मा के साथ गौड़ ग्रीन एवेन्यू के पास हथियार के बल पर लूट हुई थी। इस दौरान लुटेरों ने उसे चाकू मारकर घायल भी कर दिया था। इस मामले में पुलिस पहले ही आरोपी साहिल, साजिद और जफरूद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। सह आरोपी मुकीस उर्फ मुकीम उर्फ टिंगा निवासी ग्राम बैहटा गुसाई थाना बिलसी जिला बदायूं तब से फरार चल रहा था। 


आरोपी के खिलाफ वर्ष 2021 में चार्ज शीट दाखिल की गई थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 5 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था। वर्ष 2018 में उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया। उसके बाद वर्ष 2021 में पुलिस महानिरीक्षक मेरठ रेंज प्रवीण कुमार ने आरोपी पर 25 हजार रूपये का इनाम और घोषित कर दिया जिससे वह 50 हजार का इनामी बदमाश हो गया।उसकी पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। 


मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को थाना प्रभारी मनीष बिष्ट, एसआई यतेन्द्र कुमार, मंजू सिंह की टीम ने मुकीस उर्फ मुकीम उर्फ टिंगा को वंसुधरा लालबत्ती के पास से गिरफ्तार कर लिया। सीओ ने बताया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए महाराष्ट्र और कर्नाटक में रह रहा था। 


उसने महाराष्ट्र के नांदेड़ जिला में एक युवती से शादी की और उसके बाद कर्नाटक के गुलबर्ग जिला में जाकर कपड़ों की फेरी लगाकर अपना गुजर बसर करने लगा। आरोपी इतना शातिर है कि पुलिस से बचने के लिए मोबाइल का प्रयोग भी नही करता है। परिजनों से बात करने के लिए साल- छह माह में एक बार अपनी पत्नी के मोबाइल से बात करता था। जिस कारण उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। 


वर्ष 2020 में आरोपी के भाई की मौत हो गई थी। मगर वह उसमें भी नहीं आया। परिजनों से मिलने के लिए आरोपी कर्नाटक से यहां आया था। जिसे रास्ते में ही पकड़ लिया गया। वह 10 साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।

Post a Comment

0 Comments

if you have any doubt,pl let me know

Post a Comment (0)
To Top