Ex MLA of Bulandshahr : बुलंदशहर के पूर्व विधायक की पत्नी की हत्या में दोनों बेटे बरी

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  • बुलंदशहर से दो बार विधायक रहे हाजी अलीम की दूसरी पत्नी रिहाना की वर्ष 2013 में जाफराबाद इलाके में हुई थी हत्या 



प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, दिल्ली


उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से दो बार विधायक रहे दिवंगत हाजी अलीम की दूसरी पत्नी रिहाना की हत्या के मामले में उनके दोनों बेटों को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने बरी कर दिया है। सुबूतों के अभाव और कई गवाहों के बयान से पलट जाने पर कोर्ट ने अलीम के बेटे अनस व दानिश के साथ ही उनके कारोबारी मित्र नदीम को बरी कर दिया।

 

आठ वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रविंद्र बेदी की अदालत ने सुनाया। अनस और दानिश के वकील जेड बाबर चौहन ने बताया कि रिहाना जाफराबाद में रहती थीं, अक्टूबर 2013 में घर के अंदर उनकी हत्या कर दी गई थी। उनके शरीर पर चाकू और गोलियों के निशान थे।  रिहाना की बहन फरजाना ने उनके सौतेले बेटों पर हत्या का आरोप लगाया था। 


पुलिस ने केस दर्ज कर अलीम के दोनों बेटों अनस व दानिश और उनके कारोबारी मित्र को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का कहना था हत्या वाले दिन तीनों की मोबाइल लोकेशन जाफराबाद की थी। अनस के पास से चाकू भी बरामद किया गया था। दानिश के फिंगर प्रिंट घर में मिले थे। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि हत्या वाले दिन अलीम के दोनों बेटे मीट के करोबार के सिलसिले में कारोबारी नदीम से मिलने बुलंदशहर से जाफराबाद आए थे। अनस और दानिश अपनी सौतेली मां से बहुत प्यार करते थे। अक्सर उनसे मिलने के लिए उनके घर जाते थे। 


ईद का मौका था। रिहाना ने दोनों सौतेले बेटों के बच्चों के लिए कपड़ों की खरीदारी की थी, दानिश अपने भाई अनस को नदीम के पास छोड़कर कुछ देर के लिए रिहाना से मिलने चला गया और चाय-पानी पीकर कपड़े लेकर वापस उनके पास आ गया। अगले दिन जब घरेलू सहायिका रिहाना के घर पहुंची तो देखा कि रिहाना का शव फर्श पर पड़ा है। पुलिस ने लोकेशन के आधार पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। कड़कड़डूमा कोर्ट से वर्ष 2017 में अनस को जमानत मिल गई, जबकि दानिश की अर्जी खारिज कर दी गई। वर्ष 2018 में दिल्ली हाई कोर्ट से दानिश को जमानत मिली थी। 


अधिवक्ता ने रविंद्र बेदी की कोर्ट में दलील दी कि मोबाइल लोकेशन एक ही क्षेत्र की होने से यह साबित नहीं होता कि आरोपितों ने रिहाना की हत्या की थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर बताया था कि हत्या का समय रात करीब नौ बजे का था, जबकि उस वक्त अलीम के दोनों बेटे बुलंदशहर में थे। अनस के पास से जो चाकू बरामद हुआ, उससे किसी पर ताबड़तोड़ वार मुमकिन नहीं थे। रिहाना के शरीर पर गोलियों के निशान भी थे, लेकिन पुलिस हथियार बरामद नहीं कर सकी। 


पूर्व विधायक ने कहा था घर से नकदी और गहने गायब हैं

अधिवक्ता ने बताया कि पूर्व विधायक हाजी अलीम ने कोर्ट में गवाही दी थी कि जिस घर में उनकी पत्नी की हत्या हुई, वह वहां पर काफी नकदी और गहने रखते थे। वारदात के बाद नकदी और गहने गायब थे। जब पुलिस से कोर्ट में पूछा गया कि पुलिस ने लूट या डकैती की दृष्टि से मामले की जांच की तो पुलिस ने इन्कार कर दिया।

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