Oxygen : कानपुर ही नहीं पूरे देश में क्यों हाे रही ऑक्सीजन की समस्या, आएं समझें

  • ऑक्सीजन की समस्या से होने वाली स्थिति से कैसे बाहर आया जाए



प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर


यह तो सभी लोग जानते हैं कि ऑक्सीजन हमारे शरीर के लिए कितनी जरूरी है। क्या आप यह जानते हैं कि हमारे शरीर को प्रतिदिन कितनी ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। वातावरण में ऑक्सीजन कहां से आती है और कौन से ऐसे पेड़ है जो अधिक मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। 


प्रारब्ध न्यूज के स्टेट हेड अरुण कुमार टीटू ने पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट एवं स्वास्थ्य विभाग के पूर्व जिला महामारी वैज्ञानिक डॉ. देव सिंह से ऑक्सीजन से जुड़े एक-एक बिंदु पर विस्तृत बातचीत की है। आएं जानें कैसे दूर होगी ऑक्सीजन की कमी, यह सिर्फ कानपुर ही नहीं, देश भर की समस्या है। कैसे दूर होगी समस्या और कोरोना महामारी के दौरान किस तरह ऑक्सीजन की समस्या से उबरा जाए।



ऑक्सीजन की समस्या सिर्फ कानपुर नगर की नहीं बल्कि देश भर की है। एक आदमी को प्रतिदिन लगभग 550 लीटर ऑक्सीजन यानी कि 19/ क्यूबिक फीट की जरूरत होती है। 



अगर कानपुर नगर के परिदृश्य में देखें तो वर्तमान समय में जिले की आबादी लगभग 50,27,456 है। अगर हम इन सब की बात करें तो इतने इंसानों को प्रतिदिन सांस लेने के लिए बहुत ही अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, जिसे 1 करोड़ 20 लाख 22 हजार 1 सौ 77 पेड़ 1 दिन में बना पाते हैं, उसमें भी पेड़ कम से कम 200 साल पुराने होने चाहिए।


अनियोजित शहरीकरण यानी अनप्लांड अर्बनाईजेशन एवं पेड़ों की अंधाधुंध कटौती से ऑक्सीजन की कमी होने लगी है। ऐसी स्थिति आने से उपरोक्त अनुमानित आंकड़े महज कागजी ही रह गए हैं। अब आमजन को ही खुद सोचिना चाहिए कि जिले में 200 वर्ष पुराने कितने पेड़ बचे हैं। अगर पुराने पेड़ बचे होते तो ऐसी नौबत नहीं आती।


क्या हमने और आपने कभी सोचा है कि मौसम में कितना बदलाव आ गया है। अब हम नवंबर और दिसंबर में पंखे का प्रयोग कर रहे हैं, क्योंकि इस मौसम में भी गर्मी महसूस होती है। यह स्थिति केवल प्रकृति से खिलवाड़ करने का ही नतीजा है। अभी समय है कि हम सचेत हो जाएं सिर्फ और सिर्फ अपने जीवन के प्रति।


यह तथ्य एवं आंकड़े सिर्फ इंसानों के प्रयोग होने वाली ऑक्सीजन के संबंध में हैं। अगर हम खेती, वाहनों, फैक्ट्रियों, रसोईघर एवं बिजली में खपत होने वाली ऑक्सीजन की गणना करेंगे तो हम कल्पना भी नहीं कर सकते कि हमें कितने पेड़ की आवश्यकता होगी जो 200 वर्ष पुराने होंगे।


अब मेरी बातों से आप को यह एहसास तो हो ही गया होगा की पेड़ काटने का नुकसान कहां तक हुआ है। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार बार-बार पेड़ लगाने को प्रोत्साहित कर रही हैं। हद तो यह है कि वन विभाग के कारिंदे भी कागजों पर ही पेड़ लगा रहे हैं, जिन्हें गर्मी की वजह से सूखने के रिकार्ड में दर्ज करके अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर लेते हैं। अगर हम सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी और खुद से सवाल करें कि सरकार की पहल के इतर आम आमदी अपने जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए कितने पेड़ लगाए और कितना पेड़ लगाने वाले हैं। यह सोच कर वृद्धारोपण की पहल करते तो अभी भी विलंब नहीं हुआ है।


ऐस हो सकता है समाधान


डॉ. देव सिंह कहते हैं कि इस समस्या का समाधान भी हमें ही निकाला होगा। जब समस्या स्वयं पैदा की है तो इसे दूर भी हम-आप ही करेंगे। एक नया पौधा औसतन 24 घंटे में 10 लीटर ऑक्सीजन बनाता है। ऐसे एक पुराने कटे हुए पेड़ की भरपाई कम से कम 25 पौधों के लगाने से होगी। और वह भी हम लोगों को अति शीघ्र लगाना पड़ेगा।


कौन सा पेड़ बनाता है अधिक ऑक्सीजन



पीपल


पीपल का पेड़ बहुत ऊंचाई फैलाव एवं विस्तार लिए होता है। पीपल के पेड़ की बहुत सारी धार्मिक मान्यताएं हैं। पीपल का पेड़ रात में भी ऑक्सीजन छोड़ता है। अन्य पेड़ों के अपेक्षा यह पेड़ 22 घंटे से ज्यादा समय तक ऑक्सीजन छोड़ता है।


यह पेड़ भी ऑक्सीजन के लिए उपयोगी


नीम और बरगद के पेड़ और तुलसी का पौधा भी पीपल के पेड़ की तरह अधिक मात्रा में ऑक्सीजन देता है। इन पेड़ और पौधे में लगभग 20 घंटे तक ऑक्सीजन बनाने की क्षमता होती है। इसके अलावा बांस का पेड़ समस्त पेड़ों से 30 फीसद ज्यादा ऑक्सीजन बनाता है। बांस का पेड़ लगाने के बाद बहुत तेजी से पनपता भी है।


ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए यह है निष्कर्ष



इन बातों एवं जानकारियों से स्पष्ट है कि वृक्षारोपण अथवा पेड़ लगाने की पहल हमें और आपको तुरंत करनी चाहिए। कौन सा पेड़ उपयोगी है। वर्तमान समय में रिहायशी इलाकों में जगह की समस्या को देखते हुए 3-4 गमले में तुलसी का पौध तो लगाया ही जा सकता है। वह जगह भी कम लेगा। थोड़ी साफ-सफाई और थोड़ा ध्यान रखने से वह जल्दी बड़ा हो जाएगा। बड़ा होने के बाद भी बहुत जगह नहीं लेगा तुलसी की पत्तियां कई प्रकार की बीमारियों के उपचार में भी उपयोगी होती हैं। इसलिए जनहित में आमजन से अपील है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर में 3-4 तुलसी का पौधा अवश्य लगाए, जिससे वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा को तुरंत बढ़ाई जा सके।


यह बातें जो याद रखनी जरूरी


1. एक पुराना पेड़ वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार दिन में 230 से 250 लीटर तक ऑक्सीजन देता है।


2. वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार एक नया पेड़ या पौधा प्रतिदिन 10 लीटर तक ऑक्सीजन बनाता है।


3. पुराने पेड़ से प्रतिदिन मिलने वाली ऑक्सीजन से दो वयस्क अथवा एक वयस्क और दो बच्चे प्रत्येक दिन ऑक्सीजन का उपयोग कर सकते हैं।



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  • पेड़ लगाएं हरियाली के साथ-साथ अपने जीवन को खुशहाल बनाएं


  • ऑक्सीजन स्तर कम होने पर अपनाएं घरेलू उपाय, ताकि नियंत्रित हो सके ऑक्सीजन।


  • प्राकृतिक चीजें, फल-सब्जियाें से नियंत्रित करें शरीर के ऑक्सीजन का स्तर।


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