Covid-19 : कोरोना वैक्सीन 28 दिन के अंतराल पर लगेगी, 14 दिन में दिखेगा असर

  • केंद्र सरकार का अनुरोध कोरोना टीकाकरण के बाद 15 दिन तक कोविड-19 से प्रोटोकॉल का पालन जरूरी


प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली




केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वैक्सीन को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बताया गया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए कोविड-19 वैक्सीन की दो खुराक 28 दिनों के अंतराल पर लगाई जाएंगी। दूसरी खुराक लगवाने के 14 दिनों के बाद ही वैक्सीन का असर शुरू होगा। प्रेसवार्ता में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि वैक्सीन (टीके) का असर खुराक पूरी होने के 14 दिनों बाद दिखना शुरू होगा। इसलिए आमजन से अनुरोध है कि इस दौरान कोविड-19 से जुड़े प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन जरूर करें।


देश में कोविड-19 का टीकाकरण अभियान 16 जनवरी से शुरू हो रहा है। पहले चरण में करीब तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों और कोरोना योद्धाओं को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाई जाएगी। इसे लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण के टीकाकरण का खर्च राज्य सरकारों को नहीं देना होगा। सबसे पहले हेल्थ वर्कर (स्वास्थ्य कर्मियों) और उसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर (अग्रिम मोर्चे) के कोरोना योद्धाओं के टीकाकरण का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।


मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि देश में दो वैक्सीन के आपात उपयोग की अनुमति प्रदान की गई है। इसमें ऑक्सफोर्ड का कोविशील्ड है, जिसका उत्पादन भारत में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में हो रहा है। दूसरा स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन है, जिसका उत्पादन हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशन लिमिटेड कर रहा है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि इन दोनों टीकों का हजारों लोगों पर परीक्षण किया गया है। दोनों ही टीके सुरक्षित हैं और इनसे कोई खतरा नहीं है।


उन्होंने कहा, 'हमें इसपर कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि जिन दो टीकों को मंजूरी दी गई है वे सबसे सुरक्षित हैं। दोनों टीकों का हजारों लोगों पर परीक्षण किया गया है और इसके साइड इफेक्ट नगण्य हैं। कोई बड़ा खतरा नहीं है।' केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी (करीब एक करोड़) सर्वोच्च प्राथमिकता होंगे, उसके बाद अन्य कोरोना योद्धाओं का (करीब दो करोड़) टीकाकरण किया जाएगा।


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