Dharm-Aadhyatm : पंचांग और व्रत-त्योहार महात्म्य

15 दिसम्बर 2020, मंगलवार


सूर्योदय 07:09 बजे, सूर्यास्त 17:58 बजे


विक्रम संवत 2077, शक संवत 1942


दक्षिणायन, हेमंत ऋतु, मार्गशीर्ष मास


शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा तिथि रात्रि 07:06 बजे तक तत्पश्चात द्वितीया


मूल नक्षत्र रात्रि 09:31 बजे तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा


गण्ड योग रात्रि 09:32 बजे तक तत्पश्चात वृद्धि


राहुकाल शाम 03:17 बजे से शाम 04:38 बजे तक


दिशाशूल - उत्तर दिशा में


पंचक


19 दिसंबर

प्रातः 7.16 बजे से 23 दिसंबर तड़के 4.32 बजे तक



व्रत-त्योहार विवरण


षडशीति संक्रांति (पुण्यकाल दोपहर 12:33 बजे से सूर्यास्त तक)

विशेष : प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाएं क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ प्रतिदिन करने से शिवजी की कृपा होती है।


षडशीति संक्रान्ति आज


पुण्यकाल : दोपहर 12:33 बजे से सूर्यास्त तक। जप, तप, ध्यान और सेवा का पुण्य 86000 गुना है। इस दिन करोड़ काम छोड़कर अधिक से अधिक समय जप– ध्यान, प्रार्थना में लगाएं। षडशीति संक्रांति में किए गए जप-ध्यान का फल 86000 गुना होता है। (पद्म पुराण)


आर्थिक परेशानी तो यह उपाए अपनाएं


घर में हमेशा पैसों का अभाव रहता है। गरीबी रहती है। वराह पुराण में बताया है कि मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को सुबह जल्दी भगवान विष्णु के कुछ नाम का जप करें। दीप आदि जला कर और मानसिक पूजन करें।

ॐ वैश्वानराय नमः

ॐ अग्नये नमः

ॐ हवीर भुजे नमः

ॐ द्रवीणोदाय नमः

ॐ समवरताय नमः

ॐ ज्वलनाय नमः


दिसंबर 2020 त्योहार


25 शुक्रवार मोक्षदा एकादशी


27 रविवार प्रदोष व्रत (शुक्ल)


30 बुधवार मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत


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