Big News : वाराणसी के सारनाथ में कांप रही धरती

  • इलाके के 50 मीटर के दायरे में 24 घंटे से धरती में कंपन से दहशत में स्थानीय लोग


प्रतिकात्मक फोटो। सौजन्य से सोशल मीडिया।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, वाराणसी


वाराणसी के सारनाथ में 24 घंटे से 50 मीटर क्षेत्र में धरती में कंपन हो रही है। इस कंपन की वजह से स्थानीय लोगों में दहशत है। क्षेत्र विशेष में स्थित दुकानों में रखी बेंच, कुर्सियों, पंखों, पानी की बोतल और गाडिय़ों में तेज कंपन रविवार शाम से सोमवार देर शाम तक महसूस की जा रही है। दुकानें बंद करने के बाद शटर की आवाजें भी स्पष्ट सुनाई देती रही।


तिब्बती बौद्ध मंदिर से आगे जापानी बौद्ध मंदिर मोड़ स्थित तिराहे पर 50 मीटर क्षेत्र में रविवार शाम अचानक लोगों ने धरती में कंपन महसूस करने शुरू की। दिनभर यहां के दुकानदारों और स्थानीय बाशिंदों के बीच चर्चा भी होती रही। कुछ लोग भूकंप को लेकर सशंकित रहे। दुकानदारों ने बिजली कनेक्शन भी काट कर देखा, मगर पूरे दिन कंपन बंद नहीं हुई।


वाराणसी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के भू-विज्ञानी प्रो. एनवी चलपति राव का कहना है कि कंपन के लिए जमीन के नीचे सुरंग या कोई अन्य भौतिक गतिविधि जिम्मेदार हो सकती हैं। वहीं, भू एवं मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कंपन वाले क्षेत्र के दायरे में कोई पुरातात्विक अवशेष भी हो सकता है। इसकी जांच-पड़ताल किए बगैर प्रमाणिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता।


बीएचयू के भूकंप विज्ञानी डाॅ. संदीप गुप्ता के अनुसार इस क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेट जैसी कोई बात नहीं है। संभव है इस खास क्षेत्र में धरती के नीचे गैस बन रही हो और उसे निकलने का स्थान न मिल रहा हो। कुछ समय पहले बेंगलुरु के एक गांव में भी धरती के छोटे से क्षेत्र में हलचल की समस्या आई थी, जिसकी वजह गैस ही थी।


जल निगम के परियोजना प्रबंधक एसके बर्मन के मुताबिक ऐसा संभव नहीं है कि पेयजल पाइप में लीकेज की वजह से धरती में कंपन हो रही हो। वहीं, वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के लिए मंगलवार को विशेषज्ञों की टीम को वहां भेजा जाएगा।


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