गौरवपूर्ण दो सौ साल : कानपुर का क्राइस्ट चर्च इंटर काॅलेज

  • प्रथम प्रधानमंत्री के पिता भी इस कॉलेज के पूर्व छात्रों में हैं शामिल
  • फिल्म अभिनेता, उद्यमी व डाॅक्टर बढ़ा रहे काॅलेज का बढ़ाया मान
  • वर्षों बाद काॅलेज गेट का पुनर्निर्माण, पत्थर बताएंगे गौरवमयी इतिहास



प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर


शहर में अंग्रेजों के जमाने का सबसे पुराना क्राइस्ट चर्च इंटर काॅलेज का अपना गौरवपूर्ण इतिहास है। अंग्रेजी हुकुमत के दो सौ वर्षों से यह ज्ञान का उजियारा फैला रहा है। यहां के पूर्व छात्र देश-विदेश में अपने साथ कॉलेज और शहर का मान बढ़ा रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के पिता और जानमाने अधिवक्ता पंडित मोती लाल नेहरू यहां के पूर्व छात्र थे। क्रिसमस से पहले कॉलेज के दो सौ साल पूरे करने होने पर कार्यक्रम की तैयारी है। दोहरी शताब्दी समारोह में चर्च ऑफ नाॅर्थ इंडिया ‘आगरा डायसेस’ के विशप व संस्था के चेयरमैन डाॅ. प्रेम प्रकाश हाबिल शिरकत करेंगे।


काॅलेज के दो सौ साल पूरे होने पर दोहरी शताब्दी गेट बनाया गया है। यह गेट बता रहा है कि काॅलेज ने अपना स्वर्णिम इतिहास रचकर शहर को गौरवान्वित किया है। काॅलेज के अंदर दो पत्थर लगाए गए हैं जो उसके गौरवशाली इतिहास के बारे में बताएंगे।


सन् 1820 में स्थापित इस काॅलेज में विज्ञान व कला संकाय के 1520 छात्र अध्यनरत हैं। शहर के किसी भी इंटर काॅलेज में इतनी छात्र संख्या नहीं है। पहले भी यहां प्रवेश मिलना मुश्किल होता था और आज भी इसके रूतबे के चलते वही स्थिति है। एक जमाना था कि कक्षा छह से 12वीं तक प्रवेश लेने के लिए उन्नाव, इटावा, औरैया, फतेहपुर, फर्रूखाबाद, कन्नौज समेत अन्य शहरों, कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों से छात्र आया करते थे। पठन पाठन के लिए वह शहर में कमरा लेकर रहा करते थे। इसके अलावा डिग्री काॅलेज के छात्रावास में भी कुछ छात्रों के रहने की व्यवस्था की जाती थी।

पूर्व छात्र में मोतीलाल नेहरू व अनिल धवन

क्राइस्ट चर्च इंटर काॅलेज के प्रधानाचार्य डाॅ. सी डेनियल ने बताया कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री के पिता व प्रसिद्ध अधिवक्ता मोतीलाल नेहरू व कई हिट फिल्मों में अभिनय करने वाले अनिल धवन यहां छात्र रहे हैं। शहर के वरिष्ठ चिकित्सक यहां के पूर्व छात्र हैं। मेडिकल काॅलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर डाॅ. सुधीर चैधरी, डाॅ. जेएस कुशवाहा, बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. राजतिलक, डाॅ. निखिल गुप्ता, आर्थोपैडिक सर्जन डाॅ. विशाल अग्रवाल हैं। इसके अलावा उद्यमी अरशद जमाल, उद्यमी अशोक जैन व उद्यमी प्रदीप चावला समेत अन्य बड़े उद्यमियों ने यहां से पढ़ाई की है।

पूर्व छात्रों ने बनाया डिजिटल क्लास रूम

पूर्व छात्र एसोसिएशन के सचिव डाॅ. बृजेंद्र शुक्ला ने बताया कि यहां पर छात्रों के लिए डिजिटल क्लासरूम बनाया गया है। पूर्व छात्रों के सहयोग से हाईटेक क्लासरूम बनाया गया है। जहां छात्र टीचिंग साॅफ्टवेर के जरिए पढ़ाई कर सकें। यहां पर इनबिल्ट कोर्स को ऑडियो विजुअल, डिजिटल बोर्ड व प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाया जाता है। काॅलेज के जर्जर अवस्था में पड़े कमरों का शीघ्र जीर्णोंद्धार कराने के साथ छात्रों के कॅरिअर को दिशा देने के लिए काउंसिलिंग सेल बनाने की योजना है। पूर्व छात्र एसोसिएशन समय-समय पर शिक्षकों के साथ मीटिंग भी करेगा।

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