श्रीराम मंदिर भूमिपूजन ; मन में ऐसी अयोध्या बनाएं, जहां न कपट न द्वेष हो : मोहन भागवत

  • श्रीराम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम के संबोधन के दौरान सरसंघचालक डॉ. भागवत ने वरिष्ठ भाजपा नेता आडवाणी को भी किया याद

मोहन भागवत।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, अयोध्या


श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए बुधवार को भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहाकि आज आनंद का क्षण है, सभी आनंदित हैं। जो संकल्प लिया गया था, लंबे संघर्ष के बाद आज पूरा हो रहा है। श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम की अवधारणा को भी साकार करें। जैसे-जैसे मंदिर बनेगा राम की अयोध्या भी मन में बननी चाहिए। हमें अपने मन में अयोध्या को बनाना होगा, जिसमें न कपट होगा और न ही द्वेष।

पूजन करते पीएम, साथ में मौजूद मोहन भागवत।

मोहन भागवत ने अपने संबोधन की शुरुआत में भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंदिर आंदोलन के प्रणेता रहे लालकृष्ण आडवाणी के योगदान को याद करना नहीं भूले। राम मंदिर निर्माण के लिए आज से शुभारंभ हो गया है। इस मंदिर के पूर्ण होने से पहले हमारा मन मंदिर बनकर तैयार होना चाहिए। हमें अपने मन की अयोध्या को संवारना है ताकि इस अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर को जब हम देखें तो पूरे पवित्र मन से उसका दर्शन कर सकें। मंदिर बनाने के लिए कई लोगों ने बलिदान दिया। हम सब इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी बने हैं और इसके लिए जिन पूर्वजों ने बलिदान दिया है, उन्हें आज नमन करते हैं।

उन्होंने जिक्र किया कि वर्ष 1989 में संघ प्रमुख देवव्रत जी ने कहा था कि मंदिर को साकार करने के लिए 20-30 साल काम करना होगा। उनकी बात को आत्मसात करते हुए संघर्ष और प्रयास किए गए। उसका प्रतिफल आज 31वें वर्ष की शुरुआत में आकर पूरा हाेने जा रहा है। उन्होंने कहां कि मंदिर आंदोलन में शामिल हुए बहुत से लोग सूक्ष्म रूप में उपस्थित हैं। बहुत से लोग यहां कोरोना महामारी के चलते नहीं आ सके। उनमें से लालकृष्ण आडवाणी भी हैं जो नहीं आ पाए, लेकिन वह जरूर अपने घर में यह कार्यक्रम देखकर खुश हो रहे होंगे। देश में जो आत्मनिर्भरता का प्रयास शुरू हुआ है उसके लिए जो आत्मविश्वास चाहिए था, वह आज मिला है।

अयोध्या में विराजमान रामलला। 


Post a Comment

0 Comments