Lucknow: श्रीरामलीला महोत्सव 2026: दशरथ-कैकेयी संवाद और केवट प्रसंग के भावपूर्ण दृश्य से सभी हुए भावविभोर

श्रीरामलीला समिति गोमतीनगर द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव 2026 के द्वितीय दिवस में दशरथ-कैकेयी संवाद, राम वन गमन और केवट प्रसंग के मार्मिक मंचन से दर्शक भावुक हो उठे। जानें पूरी खबर और प्रमुख पदाधिकारियों के नाम।

दूसरे दिन की लीला में बतौर मुख्य अतिथि महापौर सुषमा खर्कवाल ने शिरकत की और कलाकारों को सराहा 

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 

श्रीरामलीला समिति, गोमतीनगर द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित 'श्रीरामलीला महोत्सव - 2026' का द्वितीय दिवस अत्यंत गरिमामय, संगीतमय और भावपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। मंचन के दौरान कलाकारों के जीवंत अभिनय और संगीतमय संवादों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि महापौर सुषमा खर्कवाल ने शिरकत की। उन्होंने श्रीरामलीला समिति के सभी कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत, सुव्यवस्थित आयोजन और पात्रों के उत्कृष्ट व जीवंत अभिनय की जमकर प्रशंसा की तथा पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।

द्वितीय दिवस के प्रमुख प्रसंग और दृश्य

रामलीला के द्वितीय दिवस के दौरान रामायण के कई अत्यंत मार्मिक और महत्वपूर्ण प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया:

राजाराम गीत एवं मंथरा-कैकेयी संवाद

दशरथ-कैकेयी संवाद एवं कोप भवन दृश्य

राम-सीता, राम-लक्ष्मण एवं राम-कौशल्या-सुमित्रा संवाद

वन गमन गीत एवं सुमंत विलाप

दशरथ मरण एवं कैकेयी-भरत-मंथरा-शत्रुघ्न संवाद

केवट प्रसंग एवं चित्रकूट प्रसंग के दृश्य

मार्मिक गीतों और संवादों ने बांधा समां, दर्शकों की आंखें हुईं नम

द्वितीय दिवस के मंचन में विभिन्न रागों में प्रस्तुत किए गए गीतों और संवादों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया:

दशरथ-कैकेयी संवाद: महाराजा दशरथ ने अत्यंत सुरीले व भावुक अंदाज में गीत गाया :-

‘‘सुमुखि सुलोचनि पिक बयनी, का दुख मोहे जनाउ । गज-गामिनि निज कोप कर, कारण मोहे सुनाउ।।’’

इसके प्रत्युत्तर में कैकेयी ने अपने हठ को दर्शाते हुए गाया—

‘‘चलो हटो छाँड़ो-छाँडो जी, ना बोलो हम से’’।

सुमंत विलाप: सुमंत्र द्वारा प्रस्तुत मार्मिक गीत ने संपूर्ण पंडाल को गमगीन कर दिया और दर्शकों की आंखें भर आईं—

‘‘अवध से नाता तोड़ चले हैं आज हमारे राम’’।

मंथरा का षड्यंत्र: मंथरा ने कैकेयी को भड़काते हुए गाया—

‘‘महारानी कोप भवन में जाकर माँगो वरदान’’।

भरत का दुःखातिरेक: माता कैकेयी के कृत्य पर दुःखी होकर भरत ने गाया—

‘‘मां तेरे मन में ऐसी कुमति बसी क्यों राम को वन दीन्हा’’।

राम का विषाद: मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने कहा-

‘‘करी क्या हाय कर्ता ने विपत सब एक दम डारी’’।

केवट का भक्ति भाव: केवट ने प्रभु राम के चरणों में निवेदन करते हुए गाया-

‘‘हे नाथ कौन हैं आप आज, किस कारण यहाँ पधारे हैं’’।

कलाकारों का उत्कृष्ट अभिनय और गायन प्रदर्शन

रामलीला के द्वितीय दिवस पर सभी पात्रों का अभिनय एवं गायन का प्रदर्शन सराहनीय रहा। 

प्रमुख पात्रों में:

महाराजा दशरथ: महेन्द्र सिंह रावत

प्रभु श्री राम: नेहा सिंह

माता सीता: विधि सिंह

लक्ष्मण: निक्की सिंह

भरत: दक्ष सिंह

शत्रुघ्न: परीक्षित जोशी

माता कौशल्या: प्रतिभा सती

माता सुमित्रा: मंजू बिष्ट

कैकेयी: चित्रा काण्डपाल

मंथरा: राधिका बोरा

सुमंत: हरीश काण्डपाल

महर्षि वशिष्ठ: त्रिभुवन सिंह बोरा

केवट: महेन्द्र पन्त

केवट पत्नी: सरिता भाकुनी

द्वारपाल: त्रिभुवन बोरा एवं गुड्डू जोशी

केवट परिवार: ख्याली सिंह कड़ाकोटी एवं नीलम जोशी

समिति के पदाधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

आयोजन के दौरान श्रीरामलीला समिति के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिसमें मुख्य संरक्षक टीएस मनराल, संरक्षकगण में प्रो. आरसी पन्त, भवान सिंह रावत, केएन चंदोला, गणेश चन्द्र जोशी, महेन्द्र सिंह रावत, संयोजक में गोविन्द सिंह बोरा, अध्यक्ष ख्याली सिंह कड़ाकोटी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश चन्द्र उपाध्याय और उपाध्यक्षगण में रवीन्द्र सिंह बिष्ट, नवीन सिंह बिष्ट, नरेन्द्र सिंह फर्त्याल आदि रहे।

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