Prarabdh Dharm-Aadhyatm : आज का पंचांग (01 जुलाई 2026)


दिनांक : 01 जुलाई 2026


दिन :  बुधवार 


विक्रम संवत् : 2083


शक संवत्: 1948


अयन : दक्षिणायन  


सूर्य अभी मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं। जब सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करते हैं (जो आमतौर पर 14-16 जुलाई के आसपास कर्क संक्रांति के समय होता है), तब से पूर्ण रूप से सौर दक्षिणायन की शुरुआत मानी जाती है। हालांकि, खगोलीय दृष्टि से (Summer Solstice के बाद) जून के उत्तरार्ध से ही सूर्य की दक्षिण की ओर यात्रा (दक्षिणायन) शुरू हो जाती है।


सौर ऋतु : वर्षा


विशेष: इस समय उत्तर भारत में मानसून सक्रिय हो जाता है, जिससे प्रकृति हरी-भरी होने लगती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इस ऋतु में पाचन क्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है, इसलिए आयुर्वेद में इस समय सुपाच्य और हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है।


मास : आषाढ़ 


पक्ष : कृष्ण पक्ष


तिथि : प्रतिपदा तिथि सुबह 07:37 तक है, इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी।


नक्षत्र : पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र सुबह 06:50 तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र।


योग : इंद्र योग दोपहर 03:53 तक, उसके बाद वैधृति योग।


करण : कौलव सुबह 07:37 तक, फिर तैतिल रात 20:38 तक, इसके बाद गर करण।

   
सूर्योदय : सुबह 05:15 बजे

  
सूर्यास्त : शाम 07:05 बजे


दिशा शूल :  आज उत्तर दिशा में दिशाशूल रहता है, इसलिए यदि आवश्यक न हो तो उत्तर दिशा की यात्रा टालें।  


शुभ महूर्त-

बृह्म मुहूर्त - प्रातः 04.06 AM से 4.46 AM तक 

अभिजित मुहूर्त - बुधवार होने से कोई अभिजित मुहूर्त नहीं 

अशुभ मुहूर्त-

राहुकाल  - दोपहर 12:21 PM से 02:04 PM तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित होते हैं)


यमगण्ड -   सुबह 07.12 AM से 08.55 AM तक 


सूर्य राशि : मिथुन 


चंद्रमा राशि :  धनु


आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया का विशेष संयोग है। दोपहर तक इंद्र योग होने के कारण यह समय धार्मिक कार्यों, मंत्र साधना और शांतिपूर्ण कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। 



भद्रा : आज़ यानी 1 जुलाई 2026 (बुधवार) को भद्रा का साया नहीं है।

आचार्य आदित्य वशिष्ठ



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