दिनांक : 25 अप्रैल 2026
दिन : शनिवार
विक्रम संवत् : 2083
अयन : उत्तरायण
- हिंदू धर्म में उत्तरायण को देवताओं का दिन माना जाता है और इसे शुभ कार्यों, जप-तप और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत सकारात्मक माना जाता है।
सौर ऋतु : वसंत
मास : वैशाख
पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि : अष्टमी
नक्षत्र : पुष्य (अत्यंत शुभ नक्षत्र)
योग : धृति
करण : विष्टि (भद्रा) दोपहर तक, तत्पश्चात बव
सूर्योदय : सुबह 05:46 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:53 बजे
दिशा शूल : शनिवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल होता है।
अगर आपको आज के दिन पूर्व दिशा में यात्रा करनी ही पड़े, तो ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसके प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
- अदरक या घी: घर से निकलने से पहले थोड़ा सा अदरक खाकर या घी का सेवन करके निकलें।
- सावधानी: घर से निकलते समय पहले पाँच कदम पीछे चलें और फिर अपनी यात्रा शुरू करें।
शुभ महूर्त-
बृह्म मुहूर्त - प्रातः 04.10 AM से 4.58 AM तक
अभिजित मुहूर्त - दोपहर 11:53 AM से 12:46 PM तक (शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ)
अशुभ मुहूर्त-
राहुकाल - प्रातः 09:03 AM से 10:41 AM तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित होते हैं)
यमगण्ड - दोपहर 01.58 PM से 03.36 PM तक
सूर्य राशि : सूर्य मेष राशि में विराजमान रहेंगे।
चंद्रमा राशि : कर्क राशि (Cancer)
बृहस्पति राशि : मिथुन राशि (Gemini)
आज वैशाख शुक्ल अष्टमी है। शनिवार के दिन पुष्य नक्षत्र होने से शनि पुष्य योग का संयोग बन रहा है, जो खरीदारी, निवेश और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बहुत ही फलदायी माना जाता है।
भद्रा : प्रातः 05.46 AM से दोपहर 02.08PM तक
आचार्य आदित्य वशिष्ठ |
वाट्सएप नं.:-7309053333
जन्मकुंडली, वास्तु, अनुष्ठान से संबंधित परामर्श को संपर्क करें।
0 Comments
if you have any doubt,pl let me know