दिनांक : 20 अप्रैल 2026
दिन : सोमवार
विक्रम संवत् : 2083
अयन : उत्तरायण
ऋतु : वसंत
मास : वैशाख
पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि : तृतीया (दोपहर 12:45 PM तक, उसके बाद चतुर्थी)
नक्षत्र : कृतिका (रात 09:30 PM तक, उसके बाद रोहिणी)
योग : शोभन (दोपहर 03:20 PM तक, उसके बाद अतिगण्ड)
करण : तैतिल (दोपहर 12:45 PM तक, उसके बाद गर)
सूर्योदय : सुबह 05:41 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:39 बजे
दिशा शूल : सोमवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल होता है।
शुभ महूर्त-
बृह्म मुहूर्त - सुबह 04.05 से 04.53 तक
अक्षय तृतीया मुहूर्त : 05:41 AM से 12:10 PM
अशुभ मुहूर्त-
राहुकाल - सुबह 07.18 से 08.55 बजे तक
यमगण्ड - 10:33 AM से 12:10 PM
सूर्य राशि : मेष राशि में विराजमान रहेंगे।
चंद्रमा राशि : वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे (अपनी उच्च राशि में)।
बृहस्पति राशि : मिथुन राशि (Gemini)
व्रत पर्व विवरण : अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती, मातंगी जयंती
भद्रा : कल दोपहर से शुरू हुई भद्रा आज 20 अप्रैल को दोपहर 12:45 PM पर समाप्त हो रही है।
कल का महत्व (अक्षय तृतीया):कल के दिन को 'अक्षय' माना जाता है, जिसका अर्थ है जिसका कभी क्षय न हो। इस दिन सोना खरीदना, दान-पुण्य करना, विवाह और नए व्यापार की शुरुआत करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और भगवान विष्णु-माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष विधान है। |
आचार्य आदित्य वशिष्ठ
वाट्सएप नं.:-7309053333
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