Prarabdh Dharm-Aadhyatm : आज का पंचांग (14 अप्रैल 2026)



दिनांक : 14 अप्रैल 2026


दिन : मंगलवार

       
विक्रम संवत् : 2083


अयन : उत्तरायण


ऋतु : वसंत


मास : वैशाख


पक्ष : कृष्ण


तिथि : द्वादशी रात्रि 12:12 बजे तक

   
नक्षत्र : शतभिषा शाम 04:06 बजे तक तत्पश्चात पूर्वाभाद्रपद

 
योग : शुक्ल शाम 03:40 बजे तक तत्पश्चात ब्रह्म 


करण : कौलव दोपहर 12:46 बजे तक तत्पश्चात तैतिल


राहुकाल : दोपहर 03:20 बजे से शाम 04:56 बजे तक

   
सूर्योदय : प्रातः 05:46 बजे 

 
सूर्यास्त : संध्या 06:32 बजे 


दिशा शूल : उत्तर दिशा में


ब्रह्ममुहूर्त : प्रातः 04:29 बजे से प्रातः 05:15 बजे तक


अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक

 
निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:49 बजे से रात्रि 12:36 बजे तक


सूर्य राशि : मीन प्रातः 09:39 बजे तक 


चंद्रमा राशि : कुम्भ

        
बृहस्पति राशि : मिथुन


व्रत पर्व विवरण : वरूथिनी एकादशी पारण, कृष्ण वामन द्वादशी, मेष संक्रान्ति।



प्रदोष व्रत 


पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 15 अप्रैल, बुधवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है।


- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।


- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।

 
- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।


- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।


 
- भगवान शिवजी  की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन  ब्रह्मचर्य का पालन करें।


- सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आंक के फूल जरूर मिलाएं। आंक के फूल भगवान शिवजी  को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी  की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।


- 15 अप्रैल 2026 बुधवार को मासिक शिवरात्रि है।


- हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय घर में बैठकर शिवजी का स्मरण करते- करते ये 17 मंत्र बोलें, जिनके जीवन में समस्या ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दिया जलाकर ये 17 मंत्र बोले।इससे समस्या से मुक्ति मिलेगी।


 1. ॐ शिवाय नम:

 2. ॐ सर्वात्मने नम: 

 3. ॐ त्रिनेत्राय नम:

 4. ॐ हराय नम:

 5. ॐ इन्द्र्मुखाय नम:

 6. ॐ श्रीकंठाय नम:

 7. ॐ सद्योजाताय नम:

 8. ॐ वामदेवाय नम: 

 9. ॐ अघोरह्र्द्याय नम: 

 10. ॐ तत्पुरुषाय नम:

 11. ॐ ईशानाय नम:

 12. ॐ अनंतधर्माय नम:

 13. ॐ ज्ञानभूताय नम:

 14.  ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:

 15. ॐ प्रधानाय नम: 

 16. ॐ व्योमात्मने नम: 

 17. ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:



आचार्य आदित्य वशिष्ठ


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