Prarabdh Dharm-Aadhyatm : आज का पंचांग (12 अप्रैल 2026)



दिनांक : 12 अप्रैल 2026


दिन : रविवार


विक्रम संवत् : 2083


अयन : उत्तरायण


ऋतु : वसंत


मास : वैशाख


पक्ष : कृष्ण


तिथि : दशमी रात्रि 01:16 बजे तक


नक्षत्र : श्रवण दोपहर 03:14 बजे तक तत्पश्चात धनिष्ठा


योग : साध्य संध्या 06:16 बजे तक तत्पश्चात शुभ


करण : वणिज दोपहर 01:02 बजे तक तत्पश्चात विष्टि


राहुकाल : संध्या 04:53 बजे से संध्या 06:28 बजे तक


सूर्योदय : प्रातः 05:48 बजे 

 
सूर्यास्त : संध्या 06:31 बजे 


दिशा शूल : पश्चिम दिशा में


ब्रह्ममुहूर्त : प्रातः 04:29 बजे से प्रातः 05:15 बजे तक


अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक

 
निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:49 बजे से रात्रि 12:36 बजे तक


सूर्य राशि : मीन


चंद्रमा राशि : मकर


बृहस्पति राशि : मिथुन


व्रत पर्व विवरण 

आज वैशाख कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है।

दशमी तिथि : आज दोपहर 01:16 बजे तक (इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी)।
प्रमुख व्रत: आज कोई बड़ा सार्वजनिक अवकाश या बड़ा त्योहार नहीं है, लेकिन धार्मिक दृष्टि से यह समय वरुथिनी एकादशी (जो कल यानी 13 अप्रैल को मनाई जाएगी) की पूर्व तैयारी और दशमी के नियमों के पालन का दिन है।



पंचक अवधि 

आरंभ 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार सुबह 07:08 बजे और
अंत 22 अप्रैल 2026, बुधवार सुबह 05:52 बजे तक।



शिवलिंग के दर्शन हेतु 


शिवलिंग पर दूध, जल चढाने जाना हो तो हमेशा सुबह खाली पेट जाना चाहिए, जो जाते हों वो इस बात का ध्यान रखें। चाय–नाश्ता न करके जाएं।


कलह, धन-हानि व रोग-बाधा से परेशान हों तो 

घर में कलहपूर्ण वातावरण, धन-हानि एवं रोग-बाधा से परेशानी होती हो तो आप अपने घर में मोरपंख कि झाड़ू या मोरपंख पूजा-स्थल में रखें |
नित्य नियम के बाद मन-ही-मन भगवन्नाम जप करते हुए इस पंख या झाड़ू को प्रत्येक कमरे में एवं रोग-पीड़ित के चारों तरफ गोल-गोल घुमाये।


कुछ देर ‘ॐकार ‘ का कीर्तन करें-करायें। ऐसा करने से समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है तथा ऊपरी एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव भी दूर हो जाता है।



आचार्य आदित्य वशिष्ठ


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