UP Congress : यूपी कांग्रेस अधिवक्ता सम्मेलन ; "संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए आगे आएं अधिवक्ता"

लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन में अभिषेक मनु सिंघवी और सलमान खुर्शीद ने संविधान की रक्षा और महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों पर जोर दिया। विस्तार से पढ़ें।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ में एक भव्य प्रदेश स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं और प्रख्यात अधिवक्ताओं ने शिरकत की। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज सुधार में ज्योतिबा फुले के योगदान को याद करना और वर्तमान परिदृश्य में संविधान की रक्षा हेतु अधिवक्ताओं की भूमिका को रेखांकित करना था।

संविधान भारत की आत्मा है: प्रमुख नेताओं के विचार

सम्मेलन की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने की। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए संविधान पर बढ़ते खतरों के प्रति आगाह किया।

अभिषेक मनु सिंघवी (सांसद व वरिष्ठ अधिवक्ता) : "मैं यहाँ केवल एक सांसद के रूप में नहीं, बल्कि भारत के एक चिंतित नागरिक के रूप में खड़ा हूँ। हमारा संविधान कोई प्रशासनिक डायरी नहीं, बल्कि लोकतंत्र का धड़कता हुआ हृदय है। आज बाबा साहेब के आदर्शों को कुचला जा रहा है और संवैधानिक मूल्यों का दम घोंटा जा रहा है।"

प्रमोद तिवारी (उप नेता, राज्यसभा) : "महात्मा गांधी ने वकालत को सेवा का माध्यम बनाया था। आज जब संविधान खतरे में है, तो अधिवक्ताओं को इसकी रक्षा के लिए अग्रिम पंक्ति में आना होगा।"

अजय राय (प्रदेश अध्यक्ष, यूपी कांग्रेस) : "भाजपा लगातार संविधान को कमजोर कर रही है। जिस तरह आजादी की लड़ाई में वकीलों ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी, वैसे ही आज हमें तानाशाही सोच के खिलाफ एकजुट होना होगा।"

महात्मा ज्योतिबा फुले: सामाजिक न्याय के प्रणेता

सम्मेलन में ज्योतिबा फुले द्वारा शिक्षा, छुआछूत उन्मूलन और भेदभाव के विरुद्ध किए गए कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई।

अविनाश पांडे (महासचिव, प्रभारी यूपी) : "ज्योतिबा फुले का जीवन सामाजिक और आर्थिक न्याय का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने साम्राज्यवाद और सामाजिक बुराइयों की जड़ों को हिला दिया था।"

आराधना मिश्रा 'मोना' (नेता, विधानमंडल दल) : "हमारा संविधान संघर्ष और सेवा का पवित्र संगम है। ज्योतिबा फुले के सामाजिक आंदोलन आज भी समाज के लिए प्रेरणा पुंज हैं।"

प्रमुख बिंदु : सम्मेलन की खास बातें


अभिषेक मनु सिंघवी : अधिवक्ता समाज के अधिकारों की रीढ़ और संविधान के सिपाही हैं।

सलमान खुर्शीद : जांच एजेंसियां अब प्रतिशोध का औजार बन गई हैं, न्यायपालिका को और सशक्त होना होगा।

अजय राय : राहुल गांधी आज उसी सुधार आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं जो ज्योतिबा फुले ने शुरू किया था।

शारिक अब्बासी : कांग्रेस ने पंचायती राज और उच्च शिक्षा में आरक्षण देकर पिछड़ों को सशक्त बनाया।

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