लखनऊ में उत्तराखंड समाज की शीर्ष संस्थाओं के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। पढ़ें उत्तराखंड महोत्सव और सांस्कृतिक उपवन के संरक्षण को लेकर क्या हुई चर्चा।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उत्तराखंड समाज की शीर्ष संस्थाओं के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश के कुशल नेतृत्व और राज्य में हो रहे अभूतपूर्व विकास कार्यों के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
बैठक में शामिल रहे समाज के प्रमुख चेहरे
मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे इस शीर्ष प्रतिनिधिमंडल में उत्तराखंडी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल थे, जिनमें मुख्य रूप से अध्यक्ष हरीश चंद्र पंत, उत्तराखंड महापरिषद के महासचिव भरत सिंह बिष्ट, अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी, पर्वतीय महापरिषद लखनऊ के संयोजक के. एन. चंदोला शामिल रहे।
सांस्कृतिक और सामाजिक हितों पर विस्तृत चर्चा
सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई इस भेंट के दौरान उत्तराखंड समाज से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया कि लखनऊ में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले दस दिवसीय उत्तराखंड महोत्सव एवं उत्तरायणी कौथिग जैसे भव्य सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, लोककला, लोकनृत्य एवं पारंपरिक विरासत को एक व्यापक पहचान मिल रही है।
पंडित गोविंद बल्लभ पंत उपवन के संरक्षण की उठी मांग
प्रतिनिधिमंडल ने भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन के अनुरक्षण (Maintenance) एवं संरक्षण (Conservation) के विषय में भी मुख्यमंत्री जी से विशेष वार्ता की। प्रतिनिधियों ने समाज के सांस्कृतिक और सामाजिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा और उम्मीद जताई कि उत्तराखंडी समाज की भावनाओं एवं सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर अपना सहयोग प्रदान करती रहेगी।
मुख्यमंत्री का आश्वासन : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों और सुझावों को बेहद गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने उत्तराखंडी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए हर संभव सकारात्मक सहयोग देने का आश्वासन प्रदान किया।
बैठक के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड समाज की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त होगी तथा सामाजिक गतिविधियों को एक नई दिशा प्राप्त होगी।


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