Lucknow News : राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तीकरण का नया अध्याय, शकुंतला विवि में गूंजा संदेश

Nari Shakti Vandan Adhiniyam डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय, लखनऊ में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर तीन दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित। पदयात्रा और परिचर्चा के जरिए महिला सशक्तीकरण का संदेश।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: शकुंतला विश्वविद्यालय में NSS-NCC की पदयात्रा और जागरूकता कार्यक्रम
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल की गई। विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर केंद्रित तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। 16 से 18 अप्रैल तक चले इस अभियान के जरिए न केवल छात्र-छात्राओं को बल्कि समाज को भी महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के शुरुआती दो दिनों में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के महत्व पर गहन परिचर्चा आयोजित की गई। इस सत्र में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
ऐतिहासिक कदम : दृष्टिबाधितार्थ विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आद्या शक्ति राय ने अधिनियम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं को मजबूत आधार प्रदान करेगा।
समावेशी विकास : डॉ. विजय शंकर शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि समाज का संतुलित और समावेशी विकास तभी संभव है, जब महिलाएं निर्णय लेने वाली संस्थाओं का हिस्सा बनें।
छात्रों का दृष्टिकोण : स्वयंसेवक छात्रा संजीता ने इसे आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ी प्रेरणा बताया, वहीं दृष्टि दिव्यांग छात्र आकाश ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं की सक्रियता अनिवार्य है।

तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन पर NSS और NCC के कैडेट्स, छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने मिलकर “नारी शक्ति वंदन पदयात्रा” निकाली।
उद्देश्य: इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य आमजन को महिला सशक्तिकरण, समान अधिकार और सामाजिक समानता के प्रति जागरूक करना था।
अभियान : हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां और जोश भरे नारों के साथ प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस तीन दिन दिवसीय कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महिलाओं को नेतृत्वकारी भूमिका में लाने का एक सशक्त माध्यम है। इस पहल से स्थानीय स्तर पर महिला अधिकारों के प्रति एक व्यापक चेतना जागृत हुई है।
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