Kanpur Kidney Transplant Racket : विदेशी महिला का अवैध ढंग से किडनी ट्रांसप्लांट, विदेशी कनेक्शन संग डॉक्टरों के 'डेथ नेटवर्क' का भंडाफोड़

Kanpur Kidney Transplant Racket: कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में दक्षिण अफ्रीका की महिला का नाम आने से हड़कंप। मेरठ, दिल्ली और प्रयागराज के कई नामी डॉक्टर फरार, पुलिस की छापेमारी जारी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर 

कानपुर में उजागर हुए अवैध ढंग से किडनी ट्रांसप्लांट करवाने वाले रैकेट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की तफ्तीश में इस काले कारोबार का विदेशी कनेक्शन भी सामने आया है। जांच में पता चला है कि इस सिंडिकेट के तार केवल भारत तक ही सीमित नहीं थे। इस गिरोह के तार सात समंदर पार दक्षिण अफ्रीका तक जुड़े हुए हैं।

दक्षिण अफ्रीकी महिला का किडनी ट्रांसप्लांट

डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आब्दी के अनुसार, जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि दक्षिण अफ्रीका की एक महिला ने इसी रैकेट के जरिये यहां आकर अपनी किडनी ट्रांसप्लांट कराई थी। पुलिस अब इस बिंदु पर फोकस कर रही है कि आखिर विदेश में बैठी महिला इस गैंग के संपर्क में कैसे आई। क्या इसके पीछे कोई इंटरनेशनल बिचौलिया काम कर रहा है। पुलिस उस महिला के मेडिकल रिकॉर्ड्स और ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है।

इन 'सफेदपोश' डॉक्टरों की तलाश में दबिश

इस खौफनाक नेटवर्क के मास्टरमाइंड अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। कानपुर पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को मुख्य रूप से इन डॉक्टरों और उनके मददगारों की तलाश है। इसमें से मेरठ निवासी डॉ. रोहित के अलावा इसी शहर के रहने वाले डॉ. अली और डॉ. अफजल हैं। इसके अलावा डॉ. वैभव मुद्गल और प्रयागराज निवासी नवीन पांडेय भी हैं। पुलिस की टीमें मेरठ, गाजियाबाद, उन्नाव, जालौन और दिल्ली में इन आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

रडार पर 'आहूजा' और 'मेडी लाइफ' अस्पताल

जांच का दायरा केवल बिचौलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई निजी अस्पताल भी रडार पर हैं। 'आहूजा हॉस्पिटल' के बाद अब 'मेडी लाइफ' अस्पताल का नाम भी इस सिंडिकेट से जुड़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडी लाइफ अस्पताल को सील कर दिया है। अस्पताल का एक संचालक फिलहाल पुलिस हिरासत में है, जिससे पूछताछ कर इस नेटवर्क की गहराई को समझने का प्रयास किया जा रहा है।

अब तक की कार्रवाई में मिले महत्वपूर्ण तथ्य

गिरफ्तारी : अब तक 8 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।

हिरासत : ओटी टेक्नीशियन रोहन से पूछताछ जारी।

धाराएं : गैर-इरादतन हत्या और धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा।

ट्रांसप्लांट के दौरान महिला की मौत : हत्या या लापरवाही

इस मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया जब एक महिला की किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान मौत की बात सामने आई। पुलिस इसे सिर्फ मेडिकल लापरवाही नहीं, बल्कि गैर-इरादतन हत्या मानकर चल रही है। जांच की जा रही है कि क्या ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी मानक पूरे किए गए थे। ऐसे तो नहीं धन उगाही के चक्कर में महिला की जान जोखिम में डाली गई।

नेटवर्क का जाल : यूपी से दिल्ली तक

पुलिस की प्राथमिक जांच बताती है कि यह रैकेट बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। इनके तार उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से लेकर उत्तराखंड और एनसीआर तक फैले हैं। गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर उनकी किडनी निकालना और रसूखदार मरीजों को ऊंचे दामों पर बेचना इनका मुख्य पेशा है।

फरार चल रहे डॉक्टरों की गिरफ्तारी जल्द

कानपुर पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार डॉक्टरों की गिरफ्तारी होगी, जिससे कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई से अवैध अंग प्रत्यारोपण करने वाले माफिया में हड़कंप मचा हुआ है।

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