Kanpur Kidney Transplant Case किडनी रिसीवर पारुल तोमर और आयुष चौधरी की हालत नाजुक, हैलट से लखनऊ के लोहिया संस्थान रेफर

कानपुर के चर्चित किडनी ट्रांसप्लांट मामले में रिसीवर पारुल तोमर और डोनर आयुष चौधरी को हैलट अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया है। डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान (RMLIMS) में होगा इलाज।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर 

कानपुर में हाल ही में सामने आए अवैध ढंग से किडनी ट्रांसप्लांट मामले में नया मोड़ आया है। इस मामले की मुख्य आरोपी और रिसीवर पारुल तोमर के साथ ही किडनी डोनर आयुष चौधरी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक चिकित्सा महाविद्यालय यानी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज (Gsvm Medical College) के लाला लाजपतराय चिकित्सालय यानी LLR Hospital (हैलट अस्पताल) से लखनऊ रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम दोनों को लेकर लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के लिए रवाना हुई है। Kanpur to Lucknow.

बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर

हैलट अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, किडनी ट्रांसप्लांट के बाद दोनों की रिकवरी प्रक्रिया में कुछ जटिलताएं (Complications) देखी गई थीं। चूंकि कानपुर के हैलट अस्पताल में नेफ्रोलॉजी विभाग की कुछ सीमाएं थीं, इसलिए विशेषज्ञों ने मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर करने का निर्णय लिया। लखनऊ के लोहिया संस्थान में नेफ्रोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों की देखरेख में दोनों का उपचार किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला

कानपुर पुलिस ने हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय किडनी ट्रांसप्लांट गिरोह का भंडाफोड़ किया था। जांच में सामने आया कि पारुल तोमर ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आयुष चौधरी से किडनी ली थी। इस मामले में पुलिस ने कई गिरफ्तारियां की हैं और अस्पताल प्रशासन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य पर कड़ी निगरानी

दोनों को लखनऊ ले जाते समय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल के साथ-साथ डॉक्टरों की एक टीम एम्बुलेंस में मौजूद है। लोहिया संस्थान में भर्ती होने के बाद उनकी किडनी फंक्शनिंग, यूरिया और क्रिएटिनिन लेवल की गहन जांच की जाएगी।

मुख्य बिंदु

रिसीवर : पारुल तोमर (अवैध ट्रांसप्लांट की मुख्य आरोपी)।

डोनर : आयुष चौधरी (किडनी देने वाला युवक)।

संस्थान : डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ।

कारण : नेफ्रोलॉजी संबंधी विशेष उपचार की आवश्यकता।

स्वास्थ्य में सुधार के बाद आगे की कार्रवाई

इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। पारुल तोमर और आयुष चौधरी के बयान इस केस की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। लखनऊ में स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद पुलिस पारुल तोमर से पूछताछ की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। फिलहाल, प्रशासन की पहली प्राथमिकता दोनों की जान बचाना और उन्हें उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।

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