LPS Cardiology Hospital Kanpur कानपुर के लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) में सफाई कर्मचारी द्वारा तीमारदारों से अभद्रता और गाली-गलौच करने का मामला सामने आया है। निदेशक ने जांच के आदेश दिए हैं।
प्रारब्ध न्यूज डेस्क, लखनऊ
उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। संस्थान के एक सफाई कर्मचारी पर मरीज के परिजनों (तीमारदारों) के साथ गंभीर अभद्रता, गाली-गलौच और अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी हंगामा हुआ और अब प्रबंधन ने मामले की जांच के आदेश जारी किए हैं।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित मोनिका सिंह और प्रियंका सिंह ने अपने पिता को इलाज के लिए कार्डियोलॉजी संस्थान में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर उन्होंने वहां तैनात एक सफाई कर्मचारी से बात की थी। इसी दौरान सफाई कर्मचारी आपा खो बैठा और तीमारदारों के साथ बहस करने लगा।
परिजनों का दावा है कि सफाई कर्मचारी ने न केवल बदसलूकी की, बल्कि अपमानजनक शब्दों और गाली-गलौच का भी प्रयोग किया। जब परिजनों ने उस कर्मचारी की पहचान पूछी, तो अन्य स्टाफ ने टालमटोल शुरू कर दी और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। संस्थान के अन्य कर्मचारियों का रवैया भी असहयोगात्मक रहा, जिससे पीड़ित परिवार ने खुद को असुरक्षित महसूस किया।
सोशल मीडिया पर बढ़ा आक्रोश
यह घटना केवल अस्पताल की फाइलों तक सीमित नहीं रही। तीमारदारों के साथ हुई इस बदसलूकी का मुद्दा सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। नेटिजन्स अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं कि हृदय रोगियों के संवेदनशील माहौल में इस तरह का तनावपूर्ण व्यवहार मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
प्रबंधन की कार्रवाई और आश्वासन
मामले के तूल पकड़ने के बाद पीड़ित पक्ष ने अस्पताल प्रशासन को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
"हमें शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" - प्रो. राकेश वर्मा, निदेशक, लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान।
अस्पताल प्रशासन पर उठते सवाल
कानपुर कार्डियोलॉजी में कर्मचारियों द्वारा अभद्रता का यह कोई पहला मामला नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संस्थान के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अक्सर तीमारदारों के साथ मनमाना व्यवहार करते हैं, और जिम्मेदार अधिकारी अक्सर 'लीपापोती' कर मामले को दबा देते हैं।
मुख्य बिंदु
संस्थान का नाम : लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी)
शिकायतकर्ता : मोनिका सिंह एवं प्रियंका सिंह।
आरोप : अभद्रता, गाली-गलौच और असहयोग।
जांच अधिकारी : संस्थान निदेशक के निर्देशन में गठित कमेटी।
निदेशक के आश्वासन के बाद परिजन शांत
फिलहाल, निदेशक के आश्वासन के बाद परिजनों ने जांच की प्रतीक्षा करने का निर्णय लिया है। अब देखना यह है कि संस्थान अपनी छवि सुधारने के लिए आरोपी कर्मचारी पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।


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