CUK Convocation: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कलबुर्गी में बांटी डिग्रियां, बेटियों ने फिर मारी बाजी; पढ़ें पूरा विवरण

Central University of Karnataka Convocation कलबुर्गी स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय कर्नाटक (CUK) के दसवें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शिरकत की। जानें कितने छात्र-छात्राओं को मिली डिग्री और गोल्ड मेडल, साथ ही पढ़ें उपराष्ट्रपति का प्रेरक संबोधन। Degree Distribution CUK.

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कलबुर्गी

CUK Kalaburagi केंद्रीय विश्वविद्यालय कर्नाटक (CUK) का वार्षिक दीक्षांत समारोह आज भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मौजूद रहे। उन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधियां प्रदान कीं। Vice President CP Radhakrishnan.

युवा ही विकसित भारत के सारथी : उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने दीक्षांत भाषण में विद्यार्थियों को भविष्य का मार्ग दिखाया। उनके संबोधन के मुख्य आकर्षण इस प्रकार रहे।

नारी शक्ति का वर्चस्व : उपराष्ट्रपति ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मेडल जीतने वालों में छात्राओं की संख्या अधिक है। उन्होंने इसे 'नारी शक्ति' और सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त संकेत बताया।

विकसित भारत @2047 : उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के विजन में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा केवल डिग्री धारक न बनें, बल्कि देश के विकास के सारथी बनें।

आत्मनिर्भर भारत : उन्होंने 'लोकल टू ग्लोबल' के मंत्र पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार (Innovation) करना चाहिए।

असफलता से न डरें : उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे असफलताओं से निराश न हों, बल्कि उन्हें अनुभव के रूप में लेकर आगे बढ़ें।

शिक्षा केवल डिग्री हासिल करना नहीं

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया। उन्होंने कहा, शिक्षा केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और समाज के प्रति सेवा का भाव जगाना है। उपराष्ट्रपति ने अनुसंधान (Research) और नवाचार (Innovation) पर जोर देते हुए कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को तकनीकी कौशल के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी अपनाना होगा। उन्होंने महिला शिक्षा की सराहना करते हुए कहा कि जब बेटियां शिक्षित होती हैं, तो पूरा समाज प्रगति करता है।

डिग्री और सम्मान का विवरण

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। इस वर्ष भी स्वर्ण पदक जीतने की सूची में छात्राओं का वर्चस्व रहा। इस दौरान स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी धारकों को स्वर्ण पदक (Gold Medals) और डिग्री देकर सम्मानित किया गया।

प्रमुख मेधावी छात्र और विभाग (सम्मानित नाम)

समारोह में विशिष्ट प्रदर्शन करने वाले कुछ प्रमुख विद्यार्थियों की सूची है।

छात्र/छात्रा का नाम - विभाग (Department) - सम्मान

प्रिया शर्मा - जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) - गोल्ड मेडल

राहुल हेगड़े - अर्थशास्त्र (Economics) - प्रथम स्थान

अंजली एम. - अंग्रेजी साहित्य (English) - स्वर्ण पदक

सिद्धार्थ रेड्डी - कंप्यूटर विज्ञान (Computer Science) - सर्वश्रेष्ठ छात्र पुरस्कार

कविता पाटिल - समाजशास्त्र (Sociology) - गोल्ड मेडल

विभागवार पदक विजेता और डिग्री वितरण (प्रमुख नाम)

दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों (Schools) के तहत मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक और डिग्रियां प्रदान की गईं। इस वर्ष भी छात्राओं ने अधिकांश गोल्ड मेडल अपने नाम किए।

1. मानविकी और भाषा संकाय (School of Humanities and Languages)

छात्र/छात्रा का नाम - पाठ्यक्रम - उपलब्धि/सम्मान

सुष्मिता डोकूर - एम.ए. अंग्रेजी (English) - स्वर्ण पदक

वाणी एच. - एम.ए. हिंदी (Hindi) - प्रथम स्थान

शब्बू ए.एस. - एम.ए. लोकसाहित्य (Folklore) - स्वर्ण पदक


2. सामाजिक और व्यवहार विज्ञान संकाय (School of Social and Behavioral Sciences)


आनंद कुमार - बी.बी.ए. (BBA) - स्नातक डिग्री

अजय कुमार - बी.बी.ए. (BBA) - स्नातक डिग्री

फिदा एम.पी. - बी.बी.ए. (BBA) - विशिष्ट योग्यता

3. विज्ञान और इंजीनियरिंग संकाय (School of Sciences & Engineering)


काव्या एस. - एम.एससी. भौतिकी (Physics) - स्वर्ण पदक

नितिन बी. - एम. बी.टेक (Electrical Engineering) - प्रथम स्थान
आकांक्षा दिगी - एम.एससी. गणित (Mathematics) - विशिष्ट योग्यता

4. व्यवसाय अध्ययन संकाय (School of Business Studies)


अमिता दास टी. - एम.बी.ए. (MBA) - स्वर्ण पदक

नरसिम्हा रेड्डी - एम.कॉम (Commerce) - प्रथम स्थान

समारोह का संक्षिप्त सांख्यिकीय विवरण


कुल स्वर्ण पदक: 

छात्राओं का प्रतिशत : पदक विजेताओं में लगभग 60-70% छात्राएं शामिल रहीं।

ये गणमान्य रहे उपस्थिति

समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और कुलपति प्रो. बटु सात्यनारायण भी उपस्थित रहे।

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