प्रारब्ध न्यूज़ ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विद्युत उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोपरि रखते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने लखनऊ के शक्ति भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान स्मार्ट मीटरों की स्थापना पर तब तक के लिए रोक लगा दी है, जब तक मुख्यमंत्री के निर्देशन में गठित तकनीकी समिति अपनी जांच रिपोर्ट पेश नहीं कर देती।
यह कदम उन उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो मीटर परिवर्तन की प्रक्रिया और इसके तकनीकी पहलुओं को लेकर चिंतित थे।
मुख्य निर्णय: उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला?
बैठक में लिए गए निर्णय केवल मीटर की रोक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वर्तमान उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
- 45 दिनों तक नो-डिस्कनेक्शन: नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद, रूपांतरण (Conversion) अवधि के पहले 15 दिन और उसके बाद के 30 दिन, यानी कुल 45 दिनों तक किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
- जीरो बैलेंस पर भी जलेंगे बल्ब: यदि आपका बैलेंस खत्म हो जाता है, तब भी 3 दिन या ₹200 (2 किलोवाट तक के भार के लिए) तक बिजली आपूर्ति जारी रहेगी।
- छुट्टियों में बिजली गुल नहीं: रविवार या किसी भी सार्वजनिक अवकाश के दिन बैलेंस नेगेटिव होने पर कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। सरकार ने इसे 'मानवीय दृष्टिकोण' करार दिया है।
अब SMS अलर्ट रखेगा आपको अपडेट (5-स्तरीय प्रणाली)
उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहने से बचाने के लिए सरकार ने एक 5-स्तरीय SMS अलर्ट प्रणाली शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आपको निम्नलिखित चरणों पर संदेश प्राप्त होंगे:
- 30% बैलेंस शेष रहने पर।
- 10% बैलेंस शेष रहने पर।
- बैलेंस समाप्त होने पर।
- डिस्कनेक्शन से 1 दिन पूर्व (अंतिम चेतावनी)।
- डिस्कनेक्शन के बाद सूचना।
भीषण गर्मी के लिए सख्त निर्देश
बढ़ती गर्मी को देखते हुए मंत्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को 'निर्बाध आपूर्ति' सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- ट्रांसफार्मर खराब होने पर बिना देरी किए बदला जाए।
- ढीले तारों और स्पार्किंग जैसी समस्याओं का तुरंत समाधान हो।
- जिनका कनेक्शन कट चुका है, अधिकारी उन्हें फोन कॉल कर उनकी समस्याओं को सुलझाएं।
उपभोक्ता संतुष्टि ही सर्वोच्च प्राथमिकता
"प्रदेश सरकार एक पारदर्शी और जनहितकारी विद्युत व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। उपभोक्ता की संतुष्टि ही हमारी प्राथमिकता है और हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।"
— एके शर्मा, ऊर्जा मंत्री, उत्तर प्रदेश।
स्मार्ट मीटर की प्रक्रिया अब विशेषज्ञों की जांच के दायरे
उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला न केवल तकनीकी पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, बल्कि भीषण गर्मी में आम जनता को अनावश्यक मानसिक और आर्थिक दबाव से भी बचाएगा। स्मार्ट मीटर की प्रक्रिया अब पूरी तरह से विशेषज्ञों की जांच के दायरे में होगी, जिससे भविष्य में एक त्रुटिहीन व्यवस्था की उम्मीद की जा सकती है
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