प्रारब्ध न्यूज़ ब्यूरो, लखनऊ
भारतीय संविधान के शिल्पकार और सामाजिक न्याय के पुरोधा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 'भीममय' हो गई है। गोमती नगर स्थित भव्य डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक स्थल के मुख्य द्वार पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रमों की आज शानदार शुरुआत हुई।
सांस्कृतिक संध्या: भीम गीतों से भरा जोश
13 अप्रैल की शाम जैसे ही सूरज ढला, स्मारक स्थल का वातावरण 'जय भीम' के उद्घोष से गूंज उठा। सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत प्रसिद्ध भीम गीत गायक राम निवास पासवान और उनकी मंडली की प्रस्तुतियों से हुई। उनके गीतों ने वहां मौजूद जनसमूह में एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार कर दिया।
"यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और सामाजिक समानता के संकल्प को दोहराने का एक मंच है।"
सेवा और समर्पण: 14 अप्रैल का मुख्य कार्यक्रम
समिति के मुख्य संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम दो दिनों तक चलेगा। कल, यानी 14 अप्रैल को मुख्य जयंती समारोह के अवसर पर भव्य सेवा कार्य किए जाएंगे:
- महाप्रसाद वितरण: लगभग 10 कुंटल भोजन, फल और मिष्ठान का वितरण अनुयायियों के बीच किया जाएगा।
- सामाजिक समरसता: इस भोज का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता और सेवा का संदेश फैलाना है।
एकजुटता की अपील
कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए आयोजित बैठक में डॉ. राम सबद जैसवारा, आर.पी. केन, पीएम प्रभाकर और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया। समिति ने सभी आरक्षण समर्थकों और बाबा साहब के अनुयायियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में गोमती नगर पहुँचकर बाबा साहब को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें।
सामाजिक न्याय की दिशा में एक सशक्त कदम
यह दो दिवसीय आयोजन न केवल एक महापुरुष की जयंती का जश्न है, बल्कि यह अधिकारों के प्रति जागरूकता और सामाजिक न्याय की दिशा में एक सशक्त कदम भी है। अगर आप लखनऊ में हैं, तो इस ऐतिहासिक उत्सव और सेवा कार्य का हिस्सा जरूर बनें।
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