Shree Ram Janmabhoomi Mandir श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने IMA कानपुर के डॉक्टरों को अयोध्या के सूक्ष्म कानूनी पहलुओं और हिंदू परंपराओं के इतिहास की जानकारी दी। जानें विवाद के वास्तविक तथ्य।
आईएमए कानपुर के डॉक्टरों के दल को चंपत राय ने विस्तार से बताया श्रीराम जन्मभूमि विवाद का इतिहास
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, अयोध्या
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि अयोध्या केवल एक अति प्राचीन नगर नहीं है, बल्कि यह हिंदू परंपराओं के प्रणेताओं का मुख्य केंद्र और मोक्षदायिनी नगरी है। होटल क्रिनॉस्कों में आयोजित एक विशेष सत्र में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), कानपुर के 50 सदस्यीय डॉक्टरों के दल को संबोधित करते हुए उन्होंने राम जन्मभूमि विवाद के अनसुने तथ्यों और इसके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला।
स्वाभिमान और गौरव की लड़ाई: चंपत राय
चंपत राय ने डॉक्टरों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राम जन्मभूमि का मुद्दा केवल 1,450 वर्ग मीटर भूमि के टुकड़े का विवाद नहीं था। उन्होंने कहा, "यह हमारे स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और पहचान की लड़ाई थी।"
विवाद की जड़ : हिंदू समाज का पक्ष था कि विदेशी आक्रांता के आदेश पर मंदिर को ध्वस्त कर तीन गुंबदों वाला ढांचा खड़ा किया गया था।
कानूनी प्रक्रिया : 1935 तक चले जमीनी संघर्ष के बाद, 1949 से यह मामला पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया में तब्दील हो गया।
न्यायालय का आधार : महासचिव ने बताया कि कोर्ट ने मुख्य रूप से यह पड़ताल की कि क्या 1528 में उस स्थान पर पहले से कुछ मौजूद था या नहीं। वैज्ञानिक साक्ष्यों और तथ्यों ने यह सिद्ध किया कि हिंदू समाज का दावा सत्य था, जिससे जीत का मार्ग प्रशस्त हुआ।
सर्व-साझा संस्कृति की धरती है अयोध्या
व्याख्यान के दौरान चंपत राय ने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा किया कि अयोध्या केवल भगवान श्रीराम तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि यह धरती गुरुनानक देव, गौतम बुद्ध और जैन परंपरा के कई तीर्थंकरों की गतिविधियों का भी केंद्र रही है। सवा घंटे चले इस सत्र में डॉक्टरों का दल अयोध्या के इन सूक्ष्म और अप्रचारित तथ्यों को जानकर हतप्रभ रह गया।
भक्ति और अध्यात्म में सराबोर चिकित्सक
व्याख्यान से पूर्व, कानपुर से आए डॉक्टरों के दल ने अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। दल ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दर्शन किए। हनुमानगढ़ी, दशरथ महल और कनक भवन में माथा टेका। सरयू तट पर भव्य मां सरयू की आरती में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की मुख्य उपस्थिति
कार्यक्रम का कुशल संयोजन डॉ. वीसी रस्तोगी द्वारा किया गया। इस अवसर पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने चंपत राय का स्वागत किया, जबकि संचालन सचिव डॉ. शालिनी मोहन ने किया। दल में डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. वीएस शर्मा, डॉ. संजीव कक्कड़, डॉ. ओपी पाठक, डॉ. श्रुति भूटानी, डॉ. आलोक गहलौत, डॉ. एके गुप्ता और डॉ. सुशांत लूथरा सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।



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