Assam Tea Garden Workers Ayodhya Visit प्रधानमंत्री की प्रेरणा से असम के चाय बागान श्रमिकों का पहला जत्था 5 अप्रैल को अयोध्या पहुंचेगा। टी एस्टेट प्रबंधन और अशोक सिंघल फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित इस यात्रा की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
असम के चाय बागान श्रमिकों का ऐतिहासिक तीर्थाटन : PM की प्रेरणा से देखेंगे बाहरी दुनिया, कल पहुंचेंगे अयोध्या
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, अयोध्या
असम के हरे-भरे चाय बागानों में अपना जीवन समर्पित करने वाले 'बागान कर्मयोगियों' (श्रमिकों) के लिए रविवार, 5 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रधानमंत्री की विशेष प्रेरणा से निकले इन श्रमिकों का पहला जत्था कल तड़के प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या पहुंचेगा।
प्रधानमंत्री की पहल और प्रबंधन का सहयोग
हाल ही में असम प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री ने इन श्रमिकों से मुलाकात की थी। इसी दौरान उन्होंने टी एस्टेट प्रबंधन के समक्ष इन कर्मयोगियों की तीर्थयात्रा प्रायोजित करने का प्रस्ताव रखा, ताकि वे बागानों की सीमाओं से बाहर निकलकर देश की सांस्कृतिक विरासत को देख सकें। इस पहल को टी एस्टेट प्रबंधन और अशोक सिंघल फाउंडेशन ने सहर्ष स्वीकार करते हुए मूर्त रूप दिया।
अयोध्या में स्वागत की भव्य तैयारी
अयोध्या में इन विशेष अतिथियों के स्वागत और दर्शन की जिम्मेदारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने संभाली है।
निर्धारित कार्यक्रम की मुख्य कड़ियां
आगमन: रविवार तड़के मनकापुर स्टेशन पर आगमन, जहाँ से बसों द्वारा उन्हें कारसेवकपुरम लाया जाएगा।
धार्मिक अनुष्ठान : सबसे पहले सभी श्रमिक पावन सरयू नदी में स्नान करेंगे।
दर्शन-पूजन : सरयू स्नान के पश्चात विभिन्न मंदिरों के दर्शन करते हुए जत्था श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचेगा।
सामाजिक सम्मिलन : दोपहर 2:00 बजे अंगद टीला पर एक विशेष सामाजिक मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें मीडिया प्रतिनिधि भी आमंत्रित हैं।
"पहली बार बागानों से बाहर लंबी यात्रा पर निकले इन कर्मयोगियों का उत्साह देखते ही बनता है। यह यात्रा उनके लिए आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ एक नया अनुभव लेकर आएगी।" - चंपत राय, महासचिव, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र।


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