War : अमेरिका-ईरान जंग के बीच यमन की एंट्री: यहूदियों ने इजरायल पर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, बीरशेबा में गूंजे सायरन

Middle East मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा। यमन के यहूदी विद्रोहियों ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। बीरशेबा और परमाणु केंद्रों के पास सायरन की गूंज। जानें ताजा हालात।

एजेंसी, यरुशलम/तेहरान

मध्य पूर्व (Middle East) में जारी संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब यमन के यहूदी विद्रोहियों ने भी सीधे तौर पर युद्ध में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। शनिवार तड़के यमन की ओर से इजरायल के रिहायशी और रणनीतिक इलाकों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले किए गए।

बीरशेबा और परमाणु केंद्रों के पास सायरन की गूंज

यमन से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के कारण दक्षिणी इजरायल के बीरशेबा (Beersheba) और उसके आसपास के कस्बों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुरक्षा सायरनों की आवाज ने पूरे इलाके को दहला दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि मिसाइल का निशाना इजरायल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास का इलाका भी था, जहां शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक तीन बार सायरन बजाए गए।

इजरायली सेना (IDF) का एक्शन

इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि उन्होंने यमन से लॉन्च की गई मिसाइल की पहचान कर ली है। सेना के प्रवक्ता के अनुसार, यमन से दागी गई मिसाइल को रोकने के लिए इजरायल के डिफेंस सिस्टम (जैसे Arrow या Patriot) को सक्रिय कर दिया गया है।

कहा, सेना खतरे के स्तर का आकलन कर रही है और जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। यह मौजूदा युद्ध में यहूदियों द्वारा इजरायल पर किया गया पहला बड़ा और सीधा हमला माना जा रहा है।

ईरान और हिज्बुल्लाह के भी हमले जारी

केवल यमन ही नहीं, बल्कि ईरान और लेबनान स्थित हिज्बुल्लाह ने भी पूरी रात इजरायल पर हमलों का सिलसिला जारी रखा। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया 'मल्टी-फ्रंट अटैक' है, ताकि इजरायल के सुरक्षा कवच (Iron Dome) को कमजोर किया जा सके।

यहूदियों की चेतावनी, "लाल सागर का इस्तेमाल पड़ा भारी"

मिसाइल दागने से पहले यहूदी विद्रोहियों ने स्पष्ट चेतावनी जारी की थी। उनके आधिकारिक बयान के मुताबिक, यदि कोई भी देश ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका या इजरायल की मदद करता है, तो यहूदी उन पर सैन्य हमला करेंगे। कहा, अगर लाल सागर (Red Sea) का उपयोग ईरान पर हमला करने के लिए किया गया, तो यहूदी सेना पूरी तरह से हस्तक्षेप करेगी।

युद्ध से तेल आपूर्ति पर भी संकट मंडराने लगा

यमन की एंट्री के बाद अब यह जंग केवल इजरायल-ईरान तक सीमित नहीं रही। लाल सागर में यहूदियों की सक्रियता से वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी गहरा संकट मंडराने लगा है। अमेरिका ने पहले ही इस क्षेत्र में अपने युद्धपोत तैनात कर दिए हैं, जिससे पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की आशंका बढ़ गई है।

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