Raymond Group रेमंड के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंहानिया का निधन: एक 'ग्लोबल साम्राज्य' खड़ा करने वाले दिग्गज का सफर

रेमंड (Raymond) को वैश्विक ब्रांड बनाने वाले दिग्गज उद्योगपति विजयपत सिंघानिया का निधन। जानें कैसे उन्होंने एक छोटी मिल को 12,000 करोड़ के साम्राज्य में बदला और फिर बेटे के साथ विवादों के बीच अंतिम समय बिताया।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, मुंबई 

भारतीय उद्योग जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। रेमंड ग्रुप (Raymond Group) को फर्श से अर्श तक पहुँचाने वाले और पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंहानिया का निधन हो गया है। उन्होंने न केवल रेमंड को भारत के घर-घर तक पहुँचाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे एक प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित किया।

1980 में संभाली कमान, बदलाव के बने सूत्रधार

विजयपत सिंहानिया ने साल 1980 में रेमंड की बागडोर संभाली थी। उस समय रेमंड केवल एक पारंपरिक ऊनी कपड़ा बनाने वाली मिल थी। उनकी दूरदर्शी लीडरशिप ने ग्रुप की दिशा बदल दी।

विविधीकरण (Diversification) : उन्होंने केवल ऊन तक सीमित न रहकर सिंथेटिक कपड़ों, डेनिम और यहाँ तक कि हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में प्रवेश किया।

रेमंड का वैश्विक विस्तार : उनके नेतृत्व में रेमंड एक छोटी टेक्सटाइल मिल से निकलकर एक वैश्विक साम्राज्य बना।

मल्टी-सेक्टर उपस्थिति : आज रेमंड ग्रुप कपड़ा, रियल एस्टेट, इंजीनियरिंग और कंज्यूमर केयर जैसे विविध क्षेत्रों में मजबूती से खड़ा है।

शानदार जीवन, 'एंटीलिया' से भी ऊंचे महल के मालिक

विजयपत सिंहानिया की जीवनशैली किसी महाराजा से कम नहीं थी। एक समय में उनकी कुल संपत्ति 12,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

जेके हाउस (JK House) : वह मुंबई के प्रतिष्ठित 'जेके हाउस' में रहते थे। यह गगनचुंबी इमारत मुकेश अंबानी के 'एंटीलिया' से भी ऊंची मानी जाती है।

विमानन का शौक : वह एक कुशल पायलट भी थे और उन्होंने गर्म हवा के गुब्बारे (Hot Air Balloon) में उड़ान भरने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था।

साल 2015: वो फैसला जिसने सब बदल दिया

उनकी सफलता की कहानी में साल 2015 एक ऐसा मोड़ लेकर आया, जिसकी चर्चा आज भी कॉर्पोरेट जगत में होती है।

"विजयपत सिंहानिया ने रेमंड लिमिटेड में अपनी पूरी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी (जिसकी कीमत उस समय 1,000 करोड़ रुपये से अधिक थी) अपने बेटे गौतम सिंहानिया के नाम कर दी थी।"

इस भावनात्मक और व्यावसायिक फैसले के बाद उनके और उनके बेटे के बीच संबंधों में कड़वाहट आ गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपनी ही खड़ी की गई कंपनी से उन्हें बाहर होना पड़ा और जीवन के अंतिम वर्षों में उन्होंने कई कानूनी और पारिवारिक चुनौतियों का सामना किया।

रेमंड लिमिटेड: एक विरासत

आज रेमंड लिमिटेड ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। विजयपत सिंहानिया ने 'द कंप्लीट मैन' (The Complete Man) की जो टैगलाइन और ब्रांड वैल्यू तैयार की, वह आज भी करोड़ों भारतीयों के दिलों में बसी है। उनका निधन भारतीय व्यापारिक इतिहास के एक अध्याय का समापन है।

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