नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने संगम सभागार में लघु उद्योग भारती के साथ की बैठक। नगरीय निकायों में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंसिंग और बिजली आपूर्ति में मिलेगी बड़ी राहत।
नगरीय क्षेत्रों में लघु उद्योगों को मिलेगा नया विस्तार, मंत्री एके शर्मा ने दिए बुनियादी ढांचा सुधारने के निर्देश
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने लखनऊ स्थित संगम सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में नगरीय निकायों में लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए नई कार्ययोजना पर चर्चा की।
आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मिलेगी मजबूती
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री एके शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को धरातल पर उतारने के लिए शहरों में छोटे उद्योगों का सशक्तीकरण अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब स्थानीय स्तर पर उद्योग फलेंगे-फूलेंगे, तभी प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
उद्योगों के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर जोर
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरों में लघु उद्योगों के लिए एक अनुकूल इकोसिस्टम तैयार किया जाए। इसके लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सुगम लाइसेंसिंग : उद्योगों के लिए पंजीकरण और लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।
निर्बाध विद्युत आपूर्ति : औद्योगिक इकाइयों को बिना किसी बाधा के बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश।
बुनियादी सुविधाएं : नगरीय निकायों के संसाधनों का उपयोग कर बेहतर स्वच्छता और सड़क कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना।
कर प्रक्रिया का सरलीकरण : उद्योगों पर लगने वाले स्थानीय करों की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना।
"लघु उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। शहरों में इनके विस्तार से न केवल आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचेगा।" - एके शर्मा, नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण चर्चा में सरकार और उद्योग जगत के बीच समन्वय बिठाने के लिए कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख सचिव, नगर विकास पी. गुरु प्रसाद, सचिव, नगर विकास रविंद्र कुमार, विशेष सचिव सत्य प्रकाश पटेल, निदेशक, अतिरिक्त ऊर्जा इंद्रजीत सिंह तथा लघु उद्योग भारती के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे।
उद्यमियों को अपने शहर में मिलेंगे बेहतर अवसर
सरकार का यह कदम नगरीय निकायों को केवल प्रशासनिक केंद्र न रखकर उन्हें 'आर्थिक हब' के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने ही शहर में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।


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