दिनांक : 30 मार्च 2026
दिन : सोमवार
विक्रम संवत् : 2083
अयन : उत्तरायण
ऋतु : वसंत
मास : चैत्र
पक्ष : शुक्ल
तिथि : द्वादशी प्रातः 07:09 बजे तक तत्पश्चात त्रयोदशी
नक्षत्र : मघा दोपहर 02:48 बजे तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी
योग : शूल शाम 04:51 बजे तक तत्पश्चात गंड
करण : बालव प्रातः 07:09 बजे तक तत्पश्चात कौलव
राहुकाल : सुबह 07:35 बजे से 09:08 बजे तक
सूर्योदय : प्रातः 06:02 बजे
सूर्यास्त : संध्या 06:24 बजे
दिशा शूल : पूर्व दिशा में
ब्रह्ममुहूर्त : प्रातः 04:29 बजे से प्रातः 05:15 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक
निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:49 बजे से रात्रि 12:36 बजे तक
सूर्य राशि : मीन
चंद्रमा राशि : सिंह
बृहस्पति राशि : मिथुन
व्रत पर्व विवरण : कामदा एकादशी पारण, सोम प्रदोष व्रत, गण्ड मूल, रवि योग।
सोमप्रदोष व्रत
पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 30 मार्च, सोमवार को सोमप्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।
अंनग त्रयोदशी
30 मार्च 2026 सोमवार को अंनग त्रयोदशी के दिन व्रत करने से दाम्पत्य-प्रेम में वृद्धि होती है तथा पति-पुत्रादि का अखंड सुख प्राप्त होता है।
आचार्य आदित्य वशिष्ठ
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