NOIDA इंटरनेशनल एयरपोर्ट; PM मोदी आज करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन, बनेगा देश का सबसे विशाल हवाई अड्डा

PM मोदी आज जेवर में उत्तर प्रदेश के 5वें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। जानें इसके रनवे, क्षमता और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी हर बड़ी बात।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, गौतमबुद्ध नगर 

Noida International Airport Jewar Inauguration उत्तर प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक उपलब्धियों भरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शनिवार को जेवर पहुंचकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के पहले चरण का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश अब 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला देश का अग्रणी राज्य बन गया है।

पहले चरण में यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं

एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण कार्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ संपन्न हो चुका है। उद्घाटन के बाद यात्रियों के लिए हर तरह की जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

एक रनवे और टर्मिनल भवन : विमानों के संचालन के लिए आधुनिक रनवे और भव्य टर्मिनल।

एटीसी (ATC) टावर : सुरक्षित हवाई यातायात प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक टावर।

कार्गो केंद्र : व्यापार और रसद को बढ़ावा देने के लिए विशाल कार्गो हब।

भविष्य का रोडमैप, वर्ष 2040 तक का लक्ष्य

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों का केंद्र है।

यात्री क्षमता : वर्ष 2040 तक इस एयरपोर्ट से सालाना 7 करोड़ यात्रियों के आवागमन की उम्मीद है।

विशालता : कुल 4752 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाला यह एयरपोर्ट 5 रनवे के साथ भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनकर इतिहास रचेगा।

भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण कार्य में तेजी

केंद्र और प्रदेश की 'डबल इंजन' सरकार के समन्वय से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया नए कानूनों के तहत शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई है।

नए एयरपोर्ट के अहम तथ्य 

कुल प्रस्तावित भूमि : 5428 हेक्टेयर (तीनों चरणों के लिए)

पहले चरण की भूमि : 1334 हेक्टेयर (निर्माण पूर्ण)

निवेश (चरण 1) : 4406 करोड़ रुपये (3300 एकड़ भूमि हेतु)

कुल रनवे क्षमता : प्रथम चरण में 2, भविष्य में कुल 5 रनवे

विशेष नोट : दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण और विस्थापन का कार्य अपने अंतिम पड़ाव पर है। किसानों के सहयोग और पारदर्शी प्रक्रिया ने मेगा प्रोजेक्ट को गति दी है।

कनेक्टिविटी का नया हब

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल जेवर और ग्रेटर नोएडा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा। यह दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट के दबाव को कम करेगा और उत्तर प्रदेश को ग्लोबल लॉजिस्टिक्स मैप पर मजबूती से स्थापित करेगा।

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