Iran Israel war : ईरान के परमाणु ठिकानों पर इजरायल का बड़ा हमला; अराग़ची की चेतावनी और ट्रंप का अल्टीमेटम

इजरायल ने ईरान के अराक न्यूक्लियर प्लांट और नागरिक ढांचों पर हमला किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने इसे अमेरिकी डेडलाइन का उल्लंघन बताया और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

एजेंसी, नई दिल्ली/ईरान

ईरान और इजरायल के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुँच गया है। ताजा घटनाक्रम में इजरायल ने ईरान के सामरिक और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। ईरान ने दावा किया है कि इस हमले में उसके परमाणु केंद्रों (Nuclear Sites) को भी निशाना बनाया गया है।

परमाणु ठिकानों और नागरिक ढांचों पर प्रहार

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची के अनुसार, इजरायली सेना ने न सिर्फ सैन्य ठिकानों बल्कि नागरिक ठिकानों पर भी हमले किए हैं। इन स्थानों को निशाना बनाया गया है।

अराक हैवी वॉटर न्यूक्लियर प्लांट (Arak Heavy Water Plant): इस प्लांट पर दो बार हमले की पुष्टि हुई है।

स्टील कारखाने : देश के दो सबसे बड़े स्टील उत्पादन केंद्रों पर हमला हुआ।

पावर प्लांट : ऊर्जा संकट पैदा करने के इरादे से एक बड़े पावर प्लांट को निशाना बनाया गया।

ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने पुष्टि की है कि अराक फ़ैसिलिटी को निशाना बनाया गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और बड़ा खतरा टल गया।

'अमेरिका संग मिल किया हमला' - अब्बास अराग़ची

ईरान के विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि इजरायल ने यह हमला अमेरिका के साथ साठगांठ करके किया है। अराग़ची के आरोप के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं।

डेडलाइन का उल्लंघन : अराग़ची ने कहा कि यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई डेडलाइन के खिलाफ है।

गंभीर परिणाम की चेतावनी : उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि "ईरान, इजरायल के इन अपराधों की बहुत बड़ी कीमत वसूल करेगा।"

नागरिकों को निशाना बनाना : ईरान का आरोप है कि इजरायल जानबूझकर सिविलियन न्यूक्लियर साइट्स और बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुँचा रहा है।

ट्रंप का अल्टीमेटम और कूटनीतिक विरोधाभास

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि वह ईरान के ऊर्जा ढांचे पर किसी भी हमले को अगले 10 दिनों तक रोक कर रखेंगे। हालांकि, यह हमला ट्रंप के इस बयान के 24 घंटे के भीतर ही हो गया, जो अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर सवाल खड़े करता है।

दूसरी ओर, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने उम्मीद जताई है कि तनाव के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच इस सप्ताह एक महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है।

दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी

जहाँ एक ओर इजरायल के हमले ने ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की मेज सजाने की कोशिशें भी जारी हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं।

Post a Comment

0 Comments