USAF E-3 Sentry, Prince Sultan Air Base Attack : ईरान-अमेरिका युद्ध में बड़ी खबर: सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर $700 मिलियन के अमेरिकी E-3 Sentry विमान का मलबा देखा गया। जानें हमले की पूरी सच्चाई।
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| Image Source : X@OSINTTECHNICAL. ईरान के मिसाइल हमले में क्षतिग्रस्त हुआ अमेरिकी विमान। |
प्रारब्ध न्यूज डेस्क, लखनऊ
Iran US Conflict : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान द्वारा अमेरिका के अत्याधुनिक USAF E-3 Sentry (AWACS) विमान को मार गिराने का दावा अब सच साबित होता दिख रहा है। सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस से प्राप्त सैटेलाइट तस्वीरों और रिपोर्टों में इस महाविनाशकारी विमान का मलबा देखा गया है।
प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर भारी तबाही का मंजर
ईरान की प्रेस टीवी (Press TV) द्वारा जारी तस्वीरों ने रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद विमान का मुख्य हिस्सा (fuselage) पूरी तरह जलकर खाक हो चुका है, जबकि केवल उसकी 'नाक' (nose) और 'पूंछ' (tail) के हिस्से ही पहचान में आ रहे हैं।
हमले की मुख्य बातें
विमान की कीमत : लगभग 700 मिलियन डॉलर (₹5800 करोड़ से अधिक)।
हमले का हथियार : 6 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 आत्मघाती ड्रोन।
हमले में हताहत : कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल, 2 की हालत गंभीर।
अन्य नुकसान : कई अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान और एक MQ-9 ड्रोन भी नष्ट होने का दावा।
6 बैलिस्टिक मिसाइलों और 29 ड्रोनों का घातक प्रहार
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए लंबी और मध्यम दूरी की मिसाइल प्रणालियों का उपयोग किया। 'एसोसिएटेड प्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, हमला इतना सटीक था कि एयरबेस पर मौजूद कमांड और कंट्रोल सिस्टम को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
ईरान का दावा है कि श न केवल E-3 Sentry को नष्ट किया, बल्कि एक F-16 फाइटर जेट को भी भारी क्षति पहुँचाई है।
अमेरिका (CENTCOM) का रुख: क्या है सच्चाई
जहाँ ईरान मलबे की तस्वीरों के साथ अपनी जीत का दावा कर रहा है, वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन खबरों को भ्रामक बताया है। अमेरिका का कहना है कि विमान को नुकसान पहुँचा है, लेकिन इसके पीछे "अन्य तकनीकी कारण" हो सकते हैं, न कि ईरानी मिसाइल हमला।
विशेषज्ञों की राय : रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह दावा पूरी तरह सही है, तो यह आधुनिक युद्ध के इतिहास में अमेरिका के लिए सबसे बड़ा सैन्य और रणनीतिक नुकसान साबित होगा।
युद्ध की पृष्ठभूमि: क्यों भड़का ईरान
यह संघर्ष 28 फरवरी को तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर कथित तौर पर "बिना उकसावे" के हमले किए गए। इस गठबंधन ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई और सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी समेत कई शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाया है।
इन्हीं हत्याओं का बदला लेने के लिए ईरान ने 'ऑपरेशन प्रतिशोध' के तहत सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
USAF E-3 Sentry क्यों है इतना खास
E-3 सेंट्री (AWACS) को 'आसमान की आंख' कहा जाता है। यह एक एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम है जो दुश्मन के विमानों, जहाजों और मिसाइलों को सैकड़ों मील दूर से ट्रैक करने में सक्षम है। इसका नष्ट होना अमेरिकी वायु सेना की निगरानी क्षमता के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।
एयरबेस पर दिखे मलबे से ईरान के दावों को मजबूती
सऊदी अरब के एयरबेस पर दिखा मलबा ईरान के दावों को मजबूती दे रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। यदि युद्ध की स्थिति यही रही, तो आने वाले दिनों में मध्य पूर्व (Middle East) में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

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