लखनऊ का ईसाई समुदाय 5 अप्रैल 2026 को ईस्टर मनाएगा। पाम संडे, मौंडी थर्सडे और गुड फ्राइडे से लेकर ईस्टर संडे तक की पूरी जानकारी और सेंट जोसेफ कैथेड्रल के विशेष कार्यक्रमों का विवरण यहाँ पढ़ें।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का ईसाई समुदाय अपने धर्म के सबसे गौरवशाली और महत्वपूर्ण पर्व 'ईस्टर' की तैयारियों में पूरी श्रद्धा के साथ जुटा है। प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान (जी उठने) का यह पर्व इस वर्ष 5 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा।
पाम संडे से शुरू हुआ 'पवित्र सप्ताह' (Holy Week)
ईस्टर के आगमन की सूचना देने वाला पवित्र सप्ताह 29 मार्च 2026 को 'पाम संडे' के साथ शुरू हो चुका है। इस दिन मसीही समाज ने प्रभु यीशु के यरूशलेम में अंतिम प्रवेश की याद में ताड़ और जैतून की शाखाओं के साथ भव्य जुलूस निकाला, जो उनके स्वागत और विनम्रता का प्रतीक है।
ईस्टर त्रिदूऊम: तीन दिनों का विशेष अनुष्ठान
ईस्टर से ठीक पहले के तीन दिनों को 'ईस्टर त्रिदूऊम' कहा जाता है, जो आस्था के केंद्र बिंदु हैं।
2 अप्रैल को मौंडी थर्सडे (पवित्र गुरुवार) : इस दिन शाम को 'पवित्र यूखरिस्ट' (मिस्सा) का आयोजन होगा। लखनऊ के बिशप जेराल्ड जॉन मैथायस हजरतगंज स्थित सेंट जोसेफ कैथेड्रल में प्रभु यीशु के विनम्रता के संदेश को दोहराते हुए चर्च के 12 सदस्यों के पैर धोएंगे। यह दिन कैथोलिक पुरोहिताई की स्थापना का भी प्रतीक है।
3 अप्रैल को गुड फ्राइडे (पवित्र शुक्रवार) : यह दिन मानव जाति के उद्धार के लिए प्रभु यीशु के बलिदान और क्रूस पर उनकी मृत्यु की याद में मनाया जाता है। शाम 4:00 बजे (जिस समय प्रभु ने प्राण त्यागे थे) मुख्य समारोह आयोजित होंगे, जिसमें 'क्रूस का मार्ग' और 'दुखभोग' का विशेष स्मरण किया जाएगा।
4 अप्रैल को होली सैटरडे (पवित्र शनिवार) : यह मौन, आत्मचिंतन और आशा का दिन है। शनिवार की रात 10:30 बजे शहर के सभी गिरजाघरों में 'ईस्टर विगिल' (जागरण प्रार्थना) शुरू होगी।
5 अप्रैल को मनाया जाएगा ईस्टर संडे का मुख्य समारोह
5 अप्रैल 2026 की सुबह खुशियों और गीतों के साथ शुरू होगी। सुबह 8:00 बजे लखनऊ के विभिन्न गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं (Religious Services) आयोजित की जाएंगी। यह पर्व मृत्यु पर जीवन और अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है।
"ईस्टर केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आशा, आनंद, प्रेम और शांति का प्रतीक है। प्रभु यीशु का पुनरुत्थान हमें सिखाता है कि सत्य और प्रेम की कभी हार नहीं होती।" - बिशप जेराल्ड जॉन मथायस, कुलपति एवं प्रवक्ता, कैथोलिक धर्मप्रांत, लखनऊ।
महत्वपूर्ण सूचना
पाम संडे 29 मार्च को शहर के विभिन्न चर्च में मनाया जाएगा।
मौंडी थर्सडे 2 अप्रैल को संध्याकाल को सेंट जोसेफ कैथेड्रल व अन्य चर्च में मनाया जाएगा।
गुड फ्राइडे 3 अप्रैल को शाम 4:00 बजे मुख्य गिरजाघर में मनाया जाएगा।
ईस्टर विगिल 4 अप्रैल को रात 10:30 बजे सेंट जोसेफ कैथेड्रल चर्च में मनाया जाएगा।
ईस्टर संडे 5 अप्रैल को सुबह 8:00 बजे विशेष प्रार्थना सभा शहर के सभी चर्च में मनाया जाएगा।

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