Bihar बिहार के लाल अजय कुमार नंद बने कोलकाता के नए पुलिस कमिश्नर; नेतरहाट से शुरू हुआ था कामयाबी का सफर

Ajay Kumar Nand IPS Kolkata Police Commissioner : वर्ष 1996 बैच के IPS अधिकारी अजय कुमार नंद को कोलकाता का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। जानिए मुरी रेलवे कॉलोनी और नेतरहाट के छात्र रहे 'बंगाल टाइगर' की गौरवगाथा।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, पटना/रांची 

सफलता जब संघर्ष और समर्पण की बुनियाद पर खड़ी होती है, तो उसकी गूँज दूर तक सुनाई देती है। झारखंड की राजधानी रांची और विशेषकर मुरी रेलवे कॉलोनी (सिल्ली विधानसभा) के लिए यह बड़े गर्व का क्षण है। वर्ष 1996 बैच के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी अजय कुमार नंद को कोलकाता का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है।

बिहार के समस्तीपुर से रांची और नेतरहाट तक

आईपीएस अजय कुमार नंद का पैतृक निवास बिहार के समस्तीपुर जिले के पटोरी प्रखंड के धमौन गांव में है। उनके पिता, राम रत्न प्रसाद सिंह, पेशे से एक शिक्षक रहे, जिन्होंने अपने बच्चों को अनुशासन और बेहतर शिक्षा के संस्कार दिए। उनकी माता राजेश्वरी देवी के आशीर्वाद और परिवार के सहयोग ने अजय बाबू को आईपीएस बनने की राह दिखाई।

रांची की मुरी रेलवे कॉलोनी से भी रहा नाता

अजय कुमार नंद की प्रारंभिक स्मृतियों का गहरा नाता रांची की मुरी रेलवे कॉलोनी से रहा है। उनकी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नेतरहाट आवासीय विद्यालय में बीता। उनके पुराने साथियों की मानें तो नेतरहाट में एक ही कमरे में महीनों साथ बिताते हुए उनकी मेधा और नेतृत्व क्षमता तभी से झलकने लगी थी।

'बंगाल टाइगर' के नाम से पहचान

अजय कुमार नंद केवल एक पुलिस अधिकारी ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल कैडर के उन गिने-चुने अधिकारियों में से हैं जिन्हें अपराधियों के बीच खौफ और जनता के बीच सम्मान के कारण 'बंगाल टाइगर' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बंगाल में कई जटिल और संवेदनशील मामलों को सुलझाने में अपनी दक्षता सिद्ध की है। उनकी कार्यशैली में एक एथलीट जैसी फुर्ती और स्पष्टता दिखती है, क्योंकि वे स्वयं एक बेहतरीन एथलेटिशियन भी हैं।

गांव और क्षेत्र में खुशी की लहर

जैसे ही अजय कुमार नंद को कोलकाता का पुलिस कमिश्नर बनाए जाने की खबर उनके गांव और रांची स्थित उनके आवास तक पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों का कहना है कि उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि समूचे झारखंड और बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उपलब्धि के पीछे का संघर्ष

एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर महानगर के शीर्ष पुलिस पद तक पहुँचना आसान नहीं था। आईपीएस बनने के सफर में उन्हें उनके माता-पिता, गुरु, भाई और बहनों का निरंतर सहयोग मिला। वर्तमान में रांची में उनका घर है और वे आज भी अपनी जड़ों से उतनी ही गहराई से जुड़े हुए हैं।

यह तैनाती करियर का नया-चुनौतीपूर्ण अध्याय

अजय कुमार नंद की यह नियुक्ति उनके करियर का एक नया और चुनौतीपूर्ण अध्याय है। कोलकाता जैसे व्यस्त और महत्वपूर्ण महानगर की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालना उनकी कार्यक्षमता पर विभाग के भरोसे को दर्शाता है।

बधाई : अजय बाबू! आपकी यह यात्रा हम सभी के लिए गौरव का विषय है।

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