खादी का जलवा : होली प्रदर्शनी में 54 लाख रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बिक्री, कारीगरों को मिला बड़ा मंच

लखनऊ में आयोजित खादी-ग्रामोद्योग प्रदर्शनी 2026 का भव्य समापन। योगी सरकार में खादी उत्पादों की बिक्री 54.23 लाख रुपये पार। मंत्री राकेश सचान के निर्देशन में कारीगरों को मिला बड़ा मंच। जानें प्रमुख विजेताओं और बिकने वाले खास उत्पादों के बारे में।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा स्वदेशी और स्थानीय हुनर को दिए जा रहे प्रोत्साहन का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। राजधानी लखनऊ में आयोजित 'लघु खादी एवं ग्रामोद्योगी प्रदर्शनी' का शनिवार को भव्य समापन हुआ। खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान के निर्देशन में आयोजित इस प्रदर्शनी ने इस वर्ष बिक्री के पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

मुख्य आकर्षण, 54.23 लाख रुपये की कुल बिक्री

होली के त्योहार को देखते हुए आयोजित इस प्रदर्शनी में लखनऊवासियों ने जमकर खरीदारी की।

इस वर्ष की बिक्री : 54.23 लाख रुपये 

पिछले वर्ष की बिक्री : 50.17 लाख रुपये 

स्टॉल्स की संख्या: 46 (प्रदेश भर के उद्यमी शामिल हुए)

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्यमी सम्मानित

प्रदर्शनी के समापन समारोह में मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव कृषि, रविन्द्र कुमार ने भाग लिया। उन्होंने उत्कृष्ट उत्पादों और बेहतर स्टॉल प्रबंधन के लिए उद्यमियों को पुरस्कृत किया:

प्रथम पुरस्कार : ग्रामोदय संस्थान, सीतापुर (खादी उत्पाद)

द्वितीय पुरस्कार : श्रुति शुक्ला, लखनऊ

तृतीय पुरस्कार : द्राक्षा फैशन, लखनऊ

रविन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य खादी को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।

इन उत्पादों की रही भारी मांग

प्रदर्शनी में न केवल पारंपरिक खादी, बल्कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़े उत्पादों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। विशेष रूप से होली के अवसर पर निम्नलिखित वस्तुओं की सर्वाधिक बिक्री हुई है।

खादी वस्त्र : कुर्ता-पायजामा, चादर, गमछे और तौलिये।

होली स्पेशल : हर्बल गुलाल, पापड़-बड़ी और नमकीन।

प्राकृतिक उत्पाद : शहद, आंवला उत्पाद और रेशम व सिल्क साड़ियां।

हस्तशिल्प : हाथ से बने विशेष वस्त्र और डेकोर आइटम।

कारीगरों के लिए प्रदर्शनी मील का पत्थर साबित  

खादी बोर्ड मुख्यालय परिसर में 20 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चली इस प्रदर्शनी ने छोटे उद्यमियों को सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर दिया। कार्यक्रम के अंत में बोर्ड के वित्तीय सलाहकार मानवेन्द्र सिंह ने प्रदर्शनी की सफलता पर सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

पारंपरिक शिल्प को नई पहचान देगी प्रदर्शनी

योगी सरकार के 'वोकल फॉर लोकल' मंत्र को चरितार्थ करती यह प्रदर्शनी न केवल व्यापारिक दृष्टि से सफल रही, बल्कि इसने उत्तर प्रदेश के पारंपरिक शिल्प को एक नई पहचान और मजबूती प्रदान की है।

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