लखनऊ की उम्मीद संस्था ने गणतंत्र दिवस परेड 2026 में तीसरा स्थान हासिल करने वाले 100 मेधावी बच्चों को सहारागंज मॉल में 'बॉर्डर 2' फिल्म दिखाई। राष्ट्रपति से सम्मानित इन बच्चों के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रम की पूरी रिपोर्ट।
गणतंत्र दिवस परेड में 'तृतीय स्थान' का गौरव: उम्मीद संस्था ने मेधावी बच्चों को दिखाई 'बॉर्डर 2', देशभक्ति के रंग में रंगा लखनऊप्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
सपनों को जब सही दिशा और प्रोत्साहन मिलता है, तो सफलता के कीर्तिमान स्थापित होना निश्चित है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'उम्मीद' संस्था ने इसी सोच को चरितार्थ करते हुए उन मेधावी बच्चों के लिए एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया, जिन्होंने राष्ट्रीय पटल पर शहर और प्रदेश का मान बढ़ाया है।
26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए इन बच्चों ने तृतीय स्थान (3rd Rank) प्राप्त किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि और बच्चों के अटूट समर्पण का जश्न मनाने के लिए संस्था द्वारा लखनऊ के प्रसिद्ध सहारागंज मॉल स्थित PVR सिनेमा में नवीनतम देशभक्ति फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई।गणतंत्र दिवस परेड 2026: एक नया कीर्तिमानइस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड लखनऊ के इन बच्चों के लिए जीवन भर की याद बन गई है। कठिन परिश्रम और हफ्तों के कड़े अभ्यास के बाद, शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़े इन 100 बच्चों ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
उनकी इस उपलब्धि की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान इन बच्चों को माननीय राष्ट्रपति द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह न केवल बच्चों के लिए बल्कि समाज के उस तबके के लिए भी गर्व का क्षण है, जो अभावों के बीच बड़े होकर मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहे हैं।
'बॉर्डर 2' की स्क्रीनिंग: मनोरंजन के साथ देशभक्ति का पाठबच्चों के उत्साह को दोगुना करने के लिए 'उम्मीद' संस्था ने उन्हें सनी देओल स्टारर हालिया रिलीज फिल्म ‘बॉर्डर 2’ दिखाने का निर्णय लिया। फिल्म का विशेष शो सुबह 11:00 बजे शुरू हुआ।
उत्साह का माहौलजैसे ही फिल्म के पर्दे पर तिरंगा लहराया और देशभक्ति के संवाद गूंजे, पूरा सिनेमा हॉल तालियों और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा।
विशेष आतिथ्य
मध्यांतर (Interval) के दौरान संस्था की ओर से सभी बच्चों को पॉपकॉर्न और कोल्ड ड्रिंक दी गई। फिल्म के समापन पर बच्चों को विशेष रिफ्रेशमेंट बॉक्स भी वितरित किए गए।
भावुक क्षण
फिल्म देखने के बाद कई बच्चों की आंखें नम थीं। बच्चों ने साझा किया कि पर्दे पर सैनिकों का बलिदान देखकर उन्हें देश सेवा की प्रेरणा मिली है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी इसी तरह तिरंगे की शान बढ़ाएंगे।
'उम्मीद' संस्था का विजन: केवल सम्मान नहीं, सशक्तीकरण
कार्यक्रम के दौरान उम्मीद संस्था के प्रतिनिधि ने मीडिया से बात करते हुए अपनी भविष्य की योजनाओं और इस आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
इन बच्चों ने अपनी कड़ी मेहनत से गणतंत्र दिवस परेड में तीसरा स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती। हमारा उद्देश्य केवल उन्हें फिल्म दिखाना या सम्मानित करना नहीं था, बल्कि उनके भीतर छिपी देशभक्ति और साहस की भावना को और अधिक खाद-पानी देना था। ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्में युवाओं को साहस और समर्पण की सीख देती हैं।
शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर जोर
उम्मीद संस्था लंबे समय से उन बच्चों के लिए काम कर रही है जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों से आते हैं। इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए तैयार करना संस्था की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
परेड में मिली इस तीसरी रैंक ने यह संदेश दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन मिले, तो ये बच्चे देश के निर्माण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्य बिंदु: एक नजर में
विवरण : जानकारी
आयोजक : उम्मीद संस्था, लखनऊ
उपलब्धि : गणतंत्र दिवस परेड 2026 में तृतीय स्थान
पुरस्कार : राष्ट्रपति द्वारा सम्मान (बीटिंग द रिट्रीट)
विशेष कार्यक्रम : 'बॉर्डर 2' फिल्म की स्क्रीनिंग
स्थान : PVR, सहारागंज मॉल, लखनऊ
प्रतिभागी : 100 मेधावी छात्र।
उम्मीद' का प्रयास बच्चों को खुशी देने वाला
लखनऊ के इन 100 बच्चों की सफलता की कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। 'उम्मीद' संस्था का यह प्रयास न केवल बच्चों को खुशी देने वाला है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की एक बड़ी लहर भी पैदा करता है।






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