महाशिवरात्रि से पूर्व काशी में शिव विवाह की रस्में शुरू! बांसफाटक से टेढ़ीनीम तक निकलेगी हल्दी की शोभायात्रा। जानें बाबा विश्वनाथ की हल्दी, मेहंदी और संगीत संध्या का पूरा कार्यक्रम।
![]() |
| काशी में शिव बारात में शामिल साधु-संत। फाइल फोटो। |
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, वाराणसी
Mahashivratri 2026 : महाशिवरात्रि से पूर्व काशी में शिव विवाह की रस्मों की औपचारिक शुरुआत शुक्रवार को बाबा विश्वनाथ की शगुन की हल्दी के साथ होगी।
बांसफाटक स्थित शिव प्रसाद पांडेय लिंगिया महाराज के आवास श्रीयंत्र पीठम् से गाजेबाजे के साथ हल्दी की पारंपरिक यात्रा टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास के लिए प्रस्थान करेगी, जहां बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा पर विधिवत हल्दी अर्पित की जाएगी। बाबा के ससुराल सारंगनाथ और त्र्यंबकेश्वर के भक्तों के अलावा काशीवासी हल्दी लेकर पहुंचेंगे।
नासिक से मंगाई गई विशेष रूप से हल्दी
शीतला मंदिर के उपमहंत ने बताया कि काशी की प्राचीन लोक परंपरा के अनुसार शिव विवाह से पूर्व बाबा को शगुन की हल्दी चढ़ाई जाती है। इस बार सिद्धपीठ बड़ी शीतला माता मंदिर के महंत परिवार की ओर से विशेष रूप से नासिक से हल्दी मंगाई गई है।
...फिर शुरू होगी गौरा के गौना की तैयारी
हल्दी और अन्य चढ़ावा बांसफाटक स्थित श्रीयंत्र पीठम पहुंचेगा, जहां से शुक्रवार की शाम टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास पहुंचेंगे। आयोजक ने बताया कि शिव विवाह की पहली रस्म शुक्रवार को शुरू होगी। महाशिवरात्रि पर शिव विवाह होगा। इसके बाद गौरा के गौना की तैयारी शुरू हो जाएगी।
श्रृंगार कर होगा पूजन, बहेगी भजन गंगा
हल्दी चढ़ाने से पूर्व महंत परिवार की वरिष्ठ सदस्य मोहिनी देवी के सानिध्य में पं. सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में 11 वैदिक ब्राह्मण बाबा विश्वनाथ की पंचबदन प्रतिमा का पूजन करेंगे। वाचस्पति तिवारी ने बताया कि वैदिक मंत्रों से श्रृंगार होगा। बाबा की दूल्हे के रूप में अलौकिक छवि देखने को मिलेगी। शिवांजलि के संयोजक संजीव रत्न मिश्र ने बताया कि भजन संध्या में पागल बाबा के भजन के साथ अदिति शर्मा और सिद्धि कौस्तुभ नृत्यांजलि होगी।
सारंगनाथ से निकलेगी शोभायात्रा
बाबा विश्वनाथ के ससुराल से शुक्रवार को हल्दी और तिलक की सामग्री के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। सारंगनाथ सामूहिक रुद्राभिषेक पीठ के अध्यक्ष राहुल सिन्हा व मंत्री टिप्पू पांडेय ने बताया कि शाम चार बजे सारंगनाथ मंदिर में पूजन के बाद माता गौरा के गण (तिलहरू) के रूप में तिलक चढ़ाने के लिए जाएंगे।
मेहंदी की रस्म संग संगीत संध्या आज
पंडा अखाड़ा बांसफाटक से श्रीमहंत लिंगिया महाराज के नेतृत्व में गाजेबाजे के साथ काशीवासी टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास जाएंगे। और फिर वहां हल्दी की रस्म में शामिल होंगे। शनिवार को सारंगनाथ मंदिर में मेहंदी की रस्म के साथ संगीत संध्या का आयोजन किया जाएगा। महाशिवरात्रि पर पूजन के साथ साथ भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।

0 Comments
if you have any doubt,pl let me know