लखनऊ में फाल्गुन एकादशी के अवसर पर भव्य श्री श्याम ध्वजा यात्रा निकाली गई। 2100 भक्तों के जयकारों, चांदी की बांसुरी के लकी ड्रा और हस्तलिखित चालीसा निशान के साथ बाबा श्याम का भव्य स्वागत हुआ। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
लखनऊ में उमड़ा आस्था का सैलाब : 2100 भक्तों ने उठाई श्याम ध्वजा, जगन्नाथ दरबार में विराजे बाबा श्याम
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
राजधानी लखनऊ में फाल्गुन एकादशी के पावन अवसर पर श्री श्याम मंदिर परिवार द्वारा आयोजित भव्य 'निशान यात्रा' ने भक्ति का नया अध्याय लिख दिया। ढोल-नगाड़ों, डीजे की धुन और बाबा श्याम के जयकारों के साथ करीब 2100 से अधिक श्रद्धालुओं ने हाथों में श्याम ध्वजा थामकर नगर भ्रमण किया। फूलों से सजे बाबा श्याम के अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए सड़कों पर भक्तों का तांता लगा रहा।
7 किलोमीटर की पैदल यात्रा और भव्य स्वागत
निशान यात्रा का शुभारंभ ऐशबाग स्थित डी.ए.वी. कॉलेज से हुआ। यहां से गणेशगंज, कैसरबाग, परिवर्तन चौराहा और हनुमान सेतु होते हुए श्रद्धालु लगभग 7 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बीरबल साहनी मार्ग स्थित श्री श्याम मंदिर पहुंचे। रास्ते भर भक्तों के लिए जगह-जगह भंडारे और जलपान की व्यवस्था की गई थी। पूरी यात्रा का लाइव प्रसारण मंदिर के सोशल मीडिया पेज पर भी किया गया।
चांदी की बांसुरी और हस्तलिखित चालीसा का आकर्षण
यात्रा में कई विशेष आकर्षण रहे, जिन्होंने भक्तों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
लकी ड्रा में चांदी की बांसुरी : मंदिर अध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने बताया कि परंपरा के अनुसार यात्रा में शामिल भक्तों के लिए लकी ड्रा निकाला गया। इस वर्ष वृंदावन निवासी प्रमोद कुमार अग्रवाल की किस्मत चमकी और उन्हें चांदी की बांसुरी उपहार स्वरूप मिली।
अनोखा निशान : डालीगंज निवासी अंजु गोयल ने अपनी अटूट श्रद्धा पेश करते हुए पूरे 'खाटू चालीसा' को हस्तलिखित रूप में निशान ध्वज पर उकेरा और पूरी यात्रा में उसे लेकर चलीं, जिसे बाद में बाबा को अर्पित किया गया।
कोलकाता के फूलों से सजा 'श्री जगन्नाथ दरबार'
प्रवक्ता अनुराग साहू ने जानकारी दी कि इस वर्ष मंदिर को विशेष 'श्री जगन्नाथ दरबार' का स्वरूप दिया गया है। कोलकाता से आए विशेष कारीगरों ने एक महीने की मेहनत के बाद इस अलौकिक दरबार को तैयार किया है।
गर्भगृह का श्रृंगार : कोलकाता के ताजे फूलों और 200 से अधिक घंटियों से मंदिर के भीतरी भाग को सजाया गया है।
विग्रह दर्शन : मुख्य दरबार के दाईं ओर तिरुपति बालाजी और बाईं ओर सांवरिया सेठ के विग्रह स्थापित किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण हैं।
व्यवस्था में जुटे रहे सेवादार
महामंत्री रुपेश अग्रवाल ने बताया कि बाबा का श्रृंगार और शोभायात्रा की व्यवस्था को भव्य बनाने में मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने दिन-रात मेहनत की। इस दौरान मुख्य रूप से अध्यक्ष संजीव अग्रवाल, महामंत्री रूपेश अग्रवाल, राधे मोहन अग्रवाल, कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल एवं अतुल अग्रवाल, करिश्मा अग्रवाल, अनिल गुप्ता, पंकज मिश्रा सहित सैकड़ों सेवादार व्यवस्था संभालने में सक्रिय रहे।
नोट : बाबा श्याम के दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिनभर उमड़ती रही। सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन और मंदिर के वॉलिंटियर्स मुस्तैद रहे।






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