Lucknow Ashiyana Murder Case लखनऊ के आशियाना (Ashiyana) में दिल दहला देने वाली वारदात। बीकॉम के छात्र ने पिता मानवेंद्र प्रताप सिंह की हत्या कर शव को ड्रम में छिपाया। जानें हत्याकांड की पूरी इनसाइड स्टोरी।
Lucknow Crime News : लखनऊ के आशियाना (Ashiyana) में दिल दहला देने वाली वारदात
मृतक मानवेंद्र प्रताप सिंह। फाइल फोटो
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो , लखनऊ
नवाबों के शहर लखनऊ का आशियाना इलाका उस समय चीखों और सन्नाटे में डूब गया, जब एक घर के भीतर से बदबू आने पर पुलिस ने तलाशी ली। सेक्टर-L स्थित मकान नंबर 91 में जो मंजर दिखा, उसने अनुभवी पुलिस अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े कर दिए। एक कारोबारी का शव दो टुकड़ों में काटकर प्लास्टिक के ड्रम में ठूंस कर रखा गया था। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि इस जघन्य हत्याकांड का आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक का अपना इकलौता बेटा है। Manvendra Pratap Singh Murder.
आएं समझें पूरा मामला (The Background)
मृतक की पहचान 49 वर्षीय मानवेंद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है, जो लखनऊ के एक स्थानीय कारोबारी थे। जानकारी के मुताबिक, मानवेंद्र 20 फरवरी की सुबह से अचानक लापता हो गए थे। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब उनका कहीं पता नहीं चला, तो आशियाना थाने में उनकी गुमशुदगी (Missing Report) दर्ज कराई गई। Son killed father in Lucknow.
पुलिस ने जब सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच शुरू की, तो शक की सुई घर के सदस्यों पर ही घूमने लगी। घर के भीतर की गतिविधियों और बेटे के बयानों में विरोधाभास ने पुलिस के संदेह को यकीन में बदल दिया। Ashiyana Sector L Murder, लखनऊ।
खौफनाक साजिश, गोली मारी फिर आरी से काटा शव
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर के मुताबिक, जांच में सामने आया कि मानवेंद्र की हत्या 20 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे ही कर दी गई थी। आरोपी बेटा, अक्षत (अक्षय) प्रताप सिंह, जो बीकॉम का छात्र है, ने कथित तौर पर घर में रखी राइफल से अपने पिता को गोली मार दी।
हत्या करने के बाद अक्षत घबराया नहीं, बल्कि साक्ष्य मिटाने की ऐसी खौफनाक साजिश रची जो अक्सर वेब सीरीज में देखी जाती है। उसने पिता के शव को दो हिस्सों में काट दिया ताकि उसे आसानी से छिपाया जा सके। उसके बाद शव को एक बड़े ड्रम में भरकर घर के ही एक कमरे में छिपा दिया।
पुलिस को ऐसे हुआ शक
गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जब पुलिस मानवेंद्र के घर पहुंची, तो वहां का माहौल कुछ असामान्य लगा। तलाशी के दौरान पुलिस को एक कमरे से तीखी गंध आई। जब वहां रखे ड्रम को खोला तो पुलिस के होश उड़ गए। ड्रम के अंदर मानवेंद्र प्रताप सिंह का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
वारदात के पीछे, पारिवारिक कलह या कुछ और
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी बेटे ने हत्या की बात कबूल कर ली है। हालांकि, हत्या के पीछे का सटीक कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है। सूत्रों के अनुसार, पिता और पुत्र के बीच अक्सर किसी बात को लेकर कहासुनी होती थी।
अनुशासन और पाबंदियां : बताया जा रहा है कि अक्षत अपने पिता के सख्त व्यवहार से नाराज था।
वित्तीय कारण : पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि क्या प्रॉपर्टी या पैसों को लेकर कोई विवाद था।
फॉरेंसिक टीम और साक्ष्य संकलन
घटनास्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाया गया। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित साक्ष्य एकत्र किए हैं।
हत्या में प्रयुक्त हथियार : वह राइफल जिससे गोली मारी गई।
शव काटने के उपकरण : पुलिस उन औजारों की तलाश कर रही है जिनसे शव को दो हिस्सों में बांटा गया।
डिजिटल साक्ष्य : आरोपी का मोबाइल फोन और घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज।
इलाके में दहशत का माहौल
आशियाना का सेक्टर-L एक शांत रिहायशी इलाका माना जाता है। इस घटना के बाद पड़ोसियों में गहरा डर और आश्चर्य है। पड़ोसियों का कहना है कि मानवेंद्र एक शालीन व्यक्ति थे और उनका परिवार बाहर से देखने में बेहद सामान्य लगता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि एक होनहार दिखने वाला बेटा अपने ही पिता का हत्यारा बन जाएगा।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस का बयान
डीसीपी सेंट्रल ने मीडिया को बताया कि हमने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया यह मामला आपसी विवाद का लग रहा है, लेकिन हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को रिकवर कर लिया गया है।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस जघन्य अपराध में अक्षत के साथ कोई और भी शामिल था या उसने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
बिखरते रिश्तों की दास्तां
लखनऊ का यह हत्याकांड केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज में बिखरते पारिवारिक मूल्यों और युवाओं में बढ़ते हिंसक व्यवहार का एक भयावह उदाहरण है। एक बेटा जिसे अपने पिता का सहारा बनना था, वह आज सलाखों के पीछे है और एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया है।
0 Comments
if you have any doubt,pl let me know