कानपुर के वकील अखिलेश दुबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने भाजपा नेता रवि सतीजा द्वारा दर्ज मामले में सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की। पूरी खबर पढ़ें।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के कानपुर के बहुचर्चित वकील अखिलेश दुबे के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। करीब छह महीने से जेल में बंद अखिलेश दुबे को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। भाजपा नेता रवि सतीजा द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में शीर्ष अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अखिलेश दुबे सुप्रीम कोर्ट जमानत (Akhilesh Dubey Supreme Court Bail)
ये है पूरा मामला
अखिलेश दुबे पर भाजपा नेता रवि सतीजा ने गंभीर आरोप लगाए थे। उन पर आरोप था कि वह लोगों के खिलाफ दुष्कर्म जैसे झूठे मुकदमे दर्ज कराकर उनसे मोटी रकम की वसूली करते थे। इसी मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था और पिछले 6 महीनों से वह सलाखों के पीछे थे।
सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने मामले के तथ्यों को गहराई से देखा। सूत्रों के अनुसार, सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष के दावों पर सवाल उठाए और बेहद सख्त टिप्पणी की।
"अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अखिलेश दुबे को नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता रवि सतीजा को जेल में होना चाहिए।"
इस टिप्पणी के साथ ही अदालत ने अखिलेश दुबे की रिहाई के आदेश जारी कर दिए। यह टिप्पणी इस केस में एक बड़ा मोड़ मानी जा रही है, क्योंकि इससे शिकायतकर्ता की साख और पुलिस की जांच पर भी सवालिया निशान लग गए हैं।
मुख्य बिंदु
आरोप : झूठे मुकदमे दर्ज कराकर वसूली करना।
शिकायतकर्ता : भाजपा नेता रवि सतीजा।
जेल की अवधि : करीब 6 महीने।
कोर्ट का फैसला : सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मंजूर।
कानूनी जगत में चर्चा
अखिलेश दुबे की रिहाई की खबर मिलते ही कानपुर के कानूनी गलियारों और बार एसोसिएशन में हलचल तेज हो गई है। समर्थकों का मानना है कि यह न्याय की जीत है, वहीं विपक्षी खेमे में इस टिप्पणी के बाद खामोशी देखी जा रही है।

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